मैनपुरी। भोगांव में संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय के 50 छात्रों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने विद्यालय के छात्रावास में खराब भोजन वो भी समय से नहीं मिलने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
बीते रविवार को आश्रम पद्धति विद्यालय में बच्चों को नाश्ते में दूध नहीं दिया गया। शिकायत पर अधीक्षक ने सुधार का आश्वासन दिया था। छात्रों का आरोप है कि शुक्रवार को भी उन्हें न तो दूध मिला और न ही बेहतर भोजन। इसके बाद वे मामले की शिकायत करने एसडीएम भोगांव के पास पहुंचे। उनके तहसील में न होने पर छात्र जिलाधिकारी से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। उन्होंने जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह से विद्यालय में उन्हें समय से और अच्छा भोजन न मिलने की शिकायत की।
उन्होंने बताया कि सुबह 12 बजे तक विद्यालय में नाश्ता नहीं मिल पाता है। इसके अलावा भोजन को बनाने में भी लापरवाही की जाती है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें गिनकर रोटियां दी जाती हैं, जिससे वे भूखे रह जाते हैं। कई बार उन्होंने विद्यालय प्रशासन से इसकी शिकायत की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में मजबूरन उन्हें जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला लाना पड़ा। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने छात्रों से पूरी जानकारी करने के बाद जांच कर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। शिकायत करने वालों में कुलदीप, शिवम, विनय कुमार, कमलेश, जितेंद्र, मनोज, अक्षय, बीनेश, विक्रम, राकेश, देवेंद्र, संतोष आदि छात्र शामिल रहे।
एक साल पहले भी हुआ था विरोध
ये पहली बार नहीं है जब आश्रम पद्धति विद्यालय में भोजन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इससे पहले भी बीते वर्ष 27 जनवरी को छात्रों ने भोजन और दवाओं को लेकर विरोध शुरू किया था। चार दिन तक यहां हाईवोल्टेज ड्रामा चला था। इसके बाद किसी तरह तत्कालीन एसडीएम पीसी आर्य ने मामले को शांत करा दिया था।
दूध की गाड़ी देर से आने पर छात्र नाराज हो गए थे। मामले में ठेकेदार को नोटिस जारी कर भोजन में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. इंद्रा सिंह, समाज कल्याण अधिकारी।