जगदीशपुरा के सैनिक नगर में बुधवार देर रात दंपति घर में आग लगने से जिंदा जल गए। आग की लपटें उठती देखकर पड़ोसियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से दरवाजा बंद होने के कारण आग बुझाना मुश्किल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। दमकल कर्मियों ने आग बुझाई, लेकिन तब तक दंपति की मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने बताया कि मूल रूप से भरतपुर के रूपवास के गांव मुंडेरा निवासी उमेश धाकड़ (35) पत्नी शीला (30) के साथ अपने रिश्तेदार लक्ष्मण सिंह के मकान में तकरीबन एक साल से किराये पर रह रहे थे। दोनों घर में ही कॉपर की चेन की झलाई का काम करते थे। रात साढ़े ग्यारह बजे पड़ोसियों ने उमेश के घर से आग की लपटें उठती देखीं। इस पर पड़ोसियों ने मेन गेट की कुंडी जोकि अंदर से बंद थी, उसे खोला तो अंदर के कमरे का गेट भी बंद था। सबमर्सिबल पंप चलाकर आग बुझाना शुरू किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। दमकल कर्मियों ने आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया। पुलिस अंदर पहुंची तो कमरे के बाहर के चौैक में पति-पत्नी की लाशें पड़ी थीं। पुलिस ने बताया कि आग चेन झलाई में काम आने केमिकल से लगी है। इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों आग ताप रहे थे। इसी बीच आग लगने का अंदेशा है। ये आत्महत्या है या हादसा, इसकी जांच की जा रही है।