फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चलती श्रमिक स्पेशल ट्रेन में गूंजी किलकारी, जच्चा-बच्चा को कराया अस्पताल में भर्ती

Fri, 22 May 2020 12:22 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
चलती श्रमिक स्पेशल ट्रेन में महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो साथ आ रहीं गांव की ही तीन महिलाओं ने उसकी मदद की। ट्रेन में ही महिला ने एक नन्हीं परी को जन्म दिया। बच्ची की किलकारी गूंजते ही आसपास के यात्रियों के भी चेहरे खिल गए। कासगंज पहुंचने पर स्वास्थ्य टीम ने महिला को जिला अस्पताल के प्रसव केंद्र में भर्ती करवाया। वहां से उसे दोपहर में डिस्चार्ज कर दिया गया। 
विज्ञापन


गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव बनैल निवासी सुनील और उसकी पत्नी लक्ष्मी एवं गांव के ही अन्य लोगों के साथ गुजरात में भट्ठे पर ईंट पथाई का काम करते हैं। सुनील गर्भवती पत्नी के साथ सात महीने पहले गुजरात गया था, लॉकडाउन में वहीं फंस गया। 


सरकार ने जब श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाकर मजदूरों को घर पहुंचाने की पहल की है तो सुनील भी इसमें पत्नी लक्ष्मी के साथ चला आया। जैसे ही ट्रेन राजस्थान सीमा से गुजरी तभी लक्ष्मी को प्रसव पीड़ा होने लगी। इससे सुनील परेशान हो गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

उसके साथ आ रहीं गांव की ही महिला पूजा, सरिता, रानी ने कपड़ों से आड़ करते हुए लक्ष्मी की मदद की। दौड़ती ट्रेन में ही सुबह लगभग 7 बजे प्रसव महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। ट्रेन में बच्ची की किलकारी गूंज गई तो फिर आस पास के यात्रियों के चेहरे भी खिल उठे।

बढ़ी हुईं थीं धड़कनें

महिला के पति सुनील ने बताया कि जब उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो उसकी धड़कनें बढ़ गईं। पत्नी दर्द से परेशान थी। यदि गांव की साथी महिलाएं न होतीं तो प्रसव कराने में बहुत समस्या होती। क्योंकि ट्रेन में यात्री कोरोना के डर से शायद ही मददगार बनते।

गांव पहुंचते ही परिवार में छाईं खुशियां

दोपहर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब सुनील अपनी पत्नी और नवजात बच्ची के साथ गांव पहुंचा तो परिवार में खुशियां छा गईं। लक्ष्मी ने तीसरी बच्ची को जन्म दिया है। परिवार में बच्चों के साथ अन्य परिजन भी खुश थे। सुनील ने बताया कि जब ट्रेन में पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो वह घबरा गया था। साथी महिलाएं ना होती तो बहुत समस्या हो जाती, क्योंकि कोरोना के डर से लोग मदद भी नहीं करते। 

दिया गया उपचार

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कृष्णावतार ने बताया कि जच्चा, बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। जिला अस्पताल के प्रसव केंद्र में दोनों को भर्ती किया गया था। दोपहर के बाद छुट्टी दे दी गई है। पूरी स्वास्थ्य टीम ने सजगता के साथ उपचार दिया। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें