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प्रवासी मजदूरों ने किया हंगामा, पुलिस ने फटकारीं लाठियां

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मथुरा। आगरा-मथुरा बॉर्डर रैपुरा जाट पर हाईवे जाम करते मजदूर। - फोटो : MATHURA
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कोसीकलां/मथुरा। तीन दिन से घरों को जाने की मांग कर रहे प्रवासी मजदूर शुक्रवार को हाईवे पर उतर आए और हंगामा करने लगे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर मजदूरों को बैरियर लगाकर रोक दिया। इस दौरान कोटवन बॉर्डर पर काफी देर तक अफरातफरी मची रही। हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की नींद टूटी और आईजी ए. सतीश गणेश, डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मजदूरों को भोजन और गंतव्य तक भेजने के लिए रोडवेज बस की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन देकर शांत किया।
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कोटवन के पॉलीटेक्निक कॉलेज में डेढ़ हजार और अनाज मंडी में करीब एक हजार मजदूर ठहरे हैं। प्रशासन की व्यवस्थाओं के इंतजार में ठहरे सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को जब भोजन और घर जाने के लिए बस नही मिली तो पॉलीटेक्निक में ठहरे मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार को सुबह ही मजदूरों ने हाईवे पर आकर हंगामा करना शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर ही बैरियर लगाकर रोक दिया। हंगामा बढ़ता देख पुलिसकर्मियों ने लाठियां फटकारना शुरू कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। बाद में मजदूर राजमार्ग पर सड़क पर बैठ गए, इससे दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों के लंबी कतारें लग गईं।
मजदूरों का आरोप था कि वह लगातार पुलिस-प्रशासन से उन्हें अपने-अपने घरों तक पहुंचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। जिसके बाद सर्किल के थानों की फोर्स बुलाकर मजदूरों को बैरियरों पर ही रोक दिया गया। उधर, अनाज मंडी में भी मजदूरों ने हंगामा किया। अधिकांश मजदूर गोरखपुर, कुशीनगर, जालौन, महोबा, फैजाबाद, अंबेडकर नगर, पीलीभीत, बस्ती, रायबरेली के रहने वाले हैं। बढ़ते हंगामे के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आ गए। आईजी ए. सतीश गणेश, डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया। मजदूरों की मांग थी कि उन्हें घर भेज दिया जाए।
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डीएम ने अधिकारियों को मजदूरों के भोजन और बसों की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद बसों को बुलाया गया। एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि सभी मजदूरों को पॉलीटेक्निक कॉलेज में क्वारंटीन किया गया था, लेकिन वे नहीं रुके। 15 रोडवेज बसों के माध्यम से मजदूरों को भेजा जाएगा।
आगरा जाने से रोका तो मजदूरों ने लगाया जाम
नोएडा, फरीदाबाद और गुड़गांव से पैदल और साइकिलों से घर लौट रहे सैकड़ों मजदूरों को पुलिस ने आगरा सीमा में घुसने से रोक दिया। परेशान मजदूरों ने बॉर्डर पर हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने अफसरों को हालात बताए तो सभी को समझा कर जाजमपट्टी भेजा, जहां से बसों के जरिए इनको इनके जिला की सीमा तक भेजा जाएगा। लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में मजदूर घर लौट रहे हैं।
शुक्रवार सुबह सात बजे नोएडा और हरियाणा के फरीदाबाद, गुड़गांव से आ रहे हजारों पैदल और साइकिल सवार मजदूरों को स्थानीय पुलिस ने रैपुराजाट के निकट आगरा जिले में प्रवेश करने से रोक दिया। आगरा में न घुसने देने से मजदूर नाराज हो गए। सड़क पर लकड़ी-पत्थर आदि डाल कर जाम लगा दिया। स्थानीय पुलिस ने इनको काफी समझाया, मगर मजदूरों ने जाम सुबह नौ बजे तक नहीं खोला। मामले की जानकारी एसओ ने एसएसपी को दी। मौके की नजाकत को देख कर एसएसपी ने डीएम से बात की।
डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि इन सभी मजदूरों को जाजमपट्टी पर भिजवाया जाए, जहां से इनको बसों के जरिए इनके ठिकानों तक भिजवाया जाएगा। अफसरों के निर्देश के बाद पुलिस ने वाहनों का इंतजाम कर सभी को जाजमपट्टी भेजा गया। मौके पर मौजूद एसपी सिटी और सीओ ने मजदूरों का हाल जाना और व्यवस्था कराई।
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