उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दिसंबर तक मेट्रो परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसमें जून से आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक मेट्रो ट्रेन चलने लगेगी। अप्रैल में ट्रायल शुरू हो जाएंगे। अभी पहले कॉरिडोर में 6 स्टेशनों पर ही मेट्रो ट्रेन चल रही है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मेट्रो ट्रैक और स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था भी परखी है।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। इसकी दूरी करीब 16 किमी और 14 स्टेशन हैं। यह एलिवेटेड ट्रैक है। पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक करीब 80 फीसदी ट्रैक बन गया है। स्टेशन बनाने का कार्य चल रहा है। आगरा कॉलेज स्टेशन बन गया है। अप्रैल में यहां मेट्रो ट्रेन का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। जून के अंत तक आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक मेट्रो ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी। पहले कॉरिडोर की बात करें तो मार्च में आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक मेट्रो चलने लगेगी। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं। 15 फरवरी से मेट्रो के अधिकतम गति से ट्रायल होंगे। अभी ताज पूर्वी से मन:कामेश्वर स्टेशन तक ही मेट्रो ट्रेन चल रही है। दिसंबर तक पहले कॉरिडोर का कार्य पूरा हो जाएगा।
रेलवे सुरक्षा कमिश्नर ने ट्रैक, स्टेशन का किया निरीक्षण
रेलवे सुरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना और यूपीएमआरसी के अधिकारियों ने मेट्रो ट्रैक, स्टेशन समेत अन्य का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था देखी। खासतौर से मन:कामेश्वर स्टेशन से एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए अंडरग्राउंड ट्रैक को देखा। जामा मस्जिद के पास से ये भूमिगत ट्रैक बनाया जा रहा है। इसके ऊपर रेलवे लाइन गुजर रही है। अंडरग्राउंड ट्रैक बनने से रेलवे लाइन को कोई नुकसान तो नहीं है।
ताज पूर्वी स्टेशन और कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर सीसीटीवी कैमरे, सिग्नलिंग, आपात स्थिति में सुरक्षा के इंतजाम, आग से निपटने के उपकरणों का आकलन कर रिपोर्ट बनाई। मेट्रो के संचालन के बारे में भी जानकारी की। तकनीकी टीम ने करीब चार घंटे तक निरीक्षण किया।