आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर में गुरु का ताल कट पर ही स्टेशन बनेगा। इसमें फुट ओवरब्रिज की भी सुविधा होगी। निर्माण तक यह कट बंद रहेगा। वैकल्पिक कट के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपाेरेशन (यूपीएमआरसी), नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और यातायात पुलिस की टीम सर्वे कर रही है। सप्ताहभर में रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि पहले कॉरिडोर में आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा एलिवेटेड स्टेशन हैं। इसमें आईएसबीटी सर्विस रोड पर बन रहा है, जिसका कार्य अंतिम चरण में है। इसका अगला स्टेशन गुरु का ताल कट पर बनेगा। पहला पिलर सर्विस रोड और दूसरा पिलर हाईवे के मध्य आएगा। ऐसे में इस कट को बंद करना पड़ेगा।
कार्य पूरा होने के बाद कट खोल दिया जाएगा। इसके लिए तीनोें विभागों के अधिकारियों ने रूट का सर्वे किया है। इसमें संभावना बन रही है कि गुरु का ताल कट का निर्माण पूरा होने तक उससे आगे 800 से 1000 मीटर की दूरी पर दूसरा अस्थायी कट बनाया जाए।
पूरा ट्रैक बनने के बाद भी ये कट बना रहेगा। इस स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज की भी सुविधा रहेगी। अभी एनएचएआई का फुट ओवरब्रिज बना हुआ है। इसके ऊपर से ट्रैक गुजरेगा, इसको हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निर्माण कार्य के दौरान इससे आवागमन बंद कर सकते हैं।
पटरी बिछाने का कार्य शुरू
पहले कॉरिडोर में 13 स्टेशन हैं। ये ताज पूर्वी से सिकंदरा तक है। इसमें ताज पूर्वी से मन:कामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो चल रही है। आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, खंदारी स्टेशन भूमिगत हैं और ये बन गए हैं। इनमें पटरी बिछाने समेत अन्य सिविल कार्य हो रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज से मन:कामेश्वर स्टेशन के बीच सुरंग की खुदाई चल रही है। इसमें रेलवे से एनओसी की देरी के कारण खुदाई रुकी हुई थी। बीते सप्ताह एनओसी मिलने के बाद सुरंग बनाने का कार्य फिर से शुरू हुआ है।
आगरा कॉलेज बनेगा जंक्शन
दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसमें आगरा कॉलेज स्टेशन को जंक्शन बनाया जाएगा। इस पर भी फुट ओवरब्रिज की सुविधा होगी। इससे एसएन मेडिकल कॉलेज, इमरजेंसी, महिला जिला चिकित्सालय, आगरा कॉलेज, सेंट जोंस कॉलेज भी है। इससे मरीज और छात्रों के लिए सबसे ज्यादा सुविधा हो जाएगी। आगरा कॉलेज तक कार्य 24 महीने में पूरा हो जाएगा।