आगरा में मेट्रो की पाइलिंग मशीन एक मकान पर गिर पड़ी थी। इससे मकान को काफी नुकसान पहुंचा था। हादसे के बाद मेट्रो की ओर से सुरक्षा ऑडिट कराया जा रहा है। पाइलिंग मशीन लगाने से पहले मिट्टी की जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) हादसे के बाद सबक लेते हुए खुदाई के वक्त सुरक्षा ऑडिट कर रही है। पाइलिंग मशीन के आसपास मिट्टी की जांच शुरू कर दी है। इसमें जमीन कमजोर मिलने पर कंक्रीट का आधार बनाने के बाद पाइलिंग मशीन स्थापित की जाएगी।
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यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि प्रतापपुरा पर पाइलिंग के दौरान मशीन गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया था। मशीन के नीचे मलबा और राख निकली थी, जिससे जमीन धंस गई थी। सिविल टीम गहराई तक मिट्टी की जांच कर रही है। जमीन कमजोर मिलने पर कंक्रीट भरकर मजबूत किया जाएगा।
इस पर ही पाइलिंग मशीन स्थापित कर खुदाई कार्य करेगी। पहले कॉरिडोर में पाइलिंग का कार्य पूरा हो गया है। ये ताज पूर्वी से सिकंदरा तक बन रहा है। दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बन रहा है। इसमें पाइलिंग बनाने के लिए 14 मशीनें लगी हैं।
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नुकसान का सर्वे करने पहुंची टीम
प्रतापपुर में मशीन गिरने से मकान के नुकसान का सर्वे करने के लिए यूपीएमआरसी की टीम पहुंची। टीम ने कमरा, शौचालय समेत अन्य नुकसान का आकलन किया है। टीम ने गृह स्वामी को मरम्मत कराने का भरोसा दिया है। मकान मालिक संकल्प नागर ने बताया कि टीम ने सर्वे किया है। एस्टीमेट बनाने की मांग की है।
नुकसान की भरपाई और मुआवजा के लिए प्रशासन को पत्र भी लिखा है। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक ने बताया कि मकान मालिक को खुद से मरम्मत कराने पर भुगतान करा देंगे या फिर कंपनी खुद मरम्मत करा देगी। ये दोनों विकल्प मकान मालिक को बताएं हैं।