बाईपास रोड पर बने ट्रांसपोर्ट नगर को चालू कराने के लिए व्यापारियों तथा ट्रांसपोर्टर ने कई बार ज्ञापन दिए। आज तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई नहीं होने से ट्रांसपोर्ट नगर बदहाल होने लगा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि अगर ट्रांसपोर्ट नगर में प्रशासन द्वारा व्यवस्थाएं की जाएं तो वह ट्रांसपोर्ट नगर में व्यवसाय के लिए जाने को तैयार हैं।
व्यापारियों का कहना है कि 30 साल पहले किया गया प्रयास कारगर नहीं हुआ है। कलेक्ट्रेट में हर महीने होने वाली उद्योग बंधु की लगभग हर बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर का मुद्दा व्यापारियों द्वारा उठाया जाता है। लेकिन उनकी बात सुनी ही नहीं जाती है। नतीजा यह है कि शहर में भारी वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। बाईपास रोड और इटावा रोड पर खड़े होनेे वाले भारी वाहनों से कई बार जाम भी लगता है।
व्यापारियों की मानें तो व्यापार मंडल ने भी एक नहीं कई बार ज्ञापन देकर बंद होते जा रहे ट्रांसपोर्ट नगर का चालू कराने की मांग की है। उद्योग बंधु की बैठकों में शामिल होने वाले व्यापारी प्रतिनिधियों ने भी आवाज उठाई है। आज तक बंद होते जा रहे ट्रांसपोर्ट नगर को चालू कराने के लिए कोई भी पहल नहीं हुई है। प्रशासन की पहल से ही बाईपास रोड पर बना ट्रांसपोर्ट नगर चालू हो सकता है।
उद्योग बंधु की बैठकों में उद्यमियों द्वारा उठाई जाने वाली समस्याओं का समाधान किया जाता है। बंद होता जा रही ट्रांसपोर्ट नगर बहुत बड़ी समस्या है। ट्रांसपोर्ट नगर की इस समस्या का समाधान जिम्मेदारों द्वारा किया जाना चाहिए। - अमित गुप्ता, उपाध्यक्ष पश्चिमी व्यापार मंडल
ट्रांसपोर्ट नगर बदहाल हो गया है। वहां सुविधाएं ही नहीं हैं। जिम्मेदार लोगों ने आज तक व्यवस्थाएं नहीं की हैं। अगर व्यवस्थाएं की जाएं तो ट्रांसपोर्टर वहां जाने को तैयार हैं। अगर ऐसा हो जाए तो ट्रांसपोर्टर को व्यवसाय में सुविधा होगी। - सफी मंसूरी, ट्रांसपोर्टर