बारिश के चलते टूटी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कदमताल शुरू कर दी है। टूटी सड़काें का सर्वे अंतिम दौर में पहुंचने के साथ ही निगम ने करीब दस करोड़ रुपये की लागत से गड्ढों को भरने का प्लान तैयार किया है। इसके तहत दो चरणों में सभी सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा। पहले चरण में किन सड़कों को रखा जाए, इसके लिए मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों का कहना है कि महापौर से चर्चा के बाद पहले चरण के काम के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बता दें, इस साल हुई भारी बारिश के बाद शहरभर में सड़कें टूटी पड़ी हैं। लोग लगातार निगम प्रशासन से लेकर स्थानीय पार्षदों व विधायकों से शिकायतें कर रहे थे, लेकिन अधिकारी बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि इस दौरान वीआईपी मूवमेंट और चुनिंदा लोगों के आने-जाने के रास्तों को जरूर, पॉट होल फिलिंग मशीन से भरा जाता रहा। अब बारिश के अंतिम पड़ाव पर पहुुंचने के साथ ही निगम प्रशासन से कदमताल शुरू की है। माना जा रहा है कि 15 सितंबर से सड़कों की मरम्मत शुरू हो जाएगी।
अधिकारियों को भेजी जा रही टूटी सड़कों की सूची
मुख्य अभियंता सिविल बीएल गुप्ता ने बताया कि सर्वे पूरा कर टूटी सड़कों की सूची अधिकारियों को भेजी जा रही है। जल्द ही शहर को गड्ढा मुक्त करने के लिए टेंडर कराकर जीर्णोंद्धार प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने किया जर्जर सड़कों का सर्वे
फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में जर्जर हो चुकी सड़कों का सर्वे करने के लिए सोमवार को विधायक प्रतिनिधि रामेश्वर चौधरी के साथ लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पहुंचे। उन्होंने दूरा, अरहेरा, सरसा, बाकंदा, अभैदोपुरा, बैमन, बसैरी चाहर, दयोरैठा समेत दर्जनों गांवों की टूटी हुई सड़कों का मौका मुआयना किया। फतेहपुर सीकरी विधानसभा से विधायक चौधरी बाबूलाल ने पीडब्ल्यूडी को सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए थे। रामेश्वर चौधरी ने बताया कि जल्द ही विधानसभा की सभी जर्जर सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।