जिला पंचायत की बजट बैठक में विकास कार्यों का विवरण पेश न करने पर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा सांसद पुत्र रामेश्वर चौधरी और सपा सदस्यों के बीच खींचतान हो गई। दोनों पार्टियों के सदस्यों के बीच भी पाले खिंच गए। मारपीट की नौबत हो गई। हंगामा बढ़ते देख महिला सदस्य सदन छोड़ भाग खड़ी हुईं। सांसद चौधरी बाबूलाल ने बमुश्किल मामला शांत कराया। लगभग 20 मिनट तक कार्यवाही प्रभावित रही।
वर्ष 2017-18 का बजट पास कराने को मंगलवार दोपहर 12 बजे सदन बुलाया गया था। लगभग 46 सदस्य मौजूद थे। जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव ने जैसे ही कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया, सदन का सदस्य न होते हुए भी पहुंचे सांसद पुत्र रामेश्वर चौधरी ने इसका विरोध कर दिया। उनका कहना था कि पहले विकास कार्यों का विवरण पेश किया जाए।
जिला पंचायत प्रतिनिधि राजपाल यादव ने भरोसा दिलाया कि सदन खत्म होने के बाद सभी को इसकी प्रतिलिपि उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे रामेश्वर संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कार्यवाही को रोकते हुए हंगामा शुरू कर दिया। खंदौली के जिला पंचायत सदस्य सत्यप्रकाश ने रामेश्वर का विरोध किया। इस पर दोनाें में खींचतान हो गई। इससे भाजपा और सपा सदस्यों ने भी अपनी बांहें चढ़ा लीं।
सदन में मौजूद महिला सदस्य सदन छोड़ बाहर की ओर दौड़ पड़ीं। सांसद चौधरी बाबूलाल ने रामेश्वर चौधरी को शांत कराया। इसी बीच सपा सदस्यों ने रामेश्वर को सदन से बाहर करने की मांग उठा दी। वह फिर से भड़क गए। अध्यक्ष के कमरे में बैठे सपा नेता धारा सिंह को भी बाहर करने पर अड़ गए। इस पर माहौल गरमा गया। पुलिस ने दोनों को सदन से बाहर किया। इसके बाद ही सदन की कार्यवाही शुरू हो पाई।
बाहरी लोगों का सदन में जमघट
जिला पंचायत की बैठक में हंगामे के पहले से ही आसार थे। कार्यालय के बाहर काफी पुलिस बल सुबह से ही तैनात कर दिया गया था। सिर्फ सदस्यों को ही प्रवेश की अनुमति थी। इसके बावजूद तमाम बाहरी लोग प्रवेश कर गए। इनमें रामेश्वर चौधरी, धारा सिंह के अलावा कई और भी थे। दर्जनों की संख्या में दोनों पार्टियों के समर्थक कार्यालय के बाहर बैठक खत्म होने तक डटे रहे।