सीमित नौकरियां और बढ़ती आबादी। ऐेसे में युवाओं को नौकरी देने वाला बनने से ही देश और उनका भला होगा। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रांसपोर्टर्स चेंबर (एफमैक) मीट एट आगरा के जरिए इसे साकार करने जा रहा है। सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में संपन्न हुए तीन दिवसीय मेले में 3740 युवाओं ने उद्यम शुरू करने के लिए संपर्क किया है।
एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर का कहना है कि देश में बढ़ती आबादी के चलते हर युवा को नौकरी मिलना संभव नहीं। उद्यम में तरक्की के मौके अधिक हैं। युवाओं में ये सोच विकसित करने के लिए पहली बार मीट एट आगरा में व्यावसायिक संस्थानों के छात्रों और युवाओं को मेले में बुलाया। उन्होंने बताया कि जूता कारोबार से 40 तरह के रोजगार और व्यापार जुड़े हैं। इसमें चमड़ा, सिंथेटिक, धागा, फुट बेड, फीता, सोल समेत अन्य कंपोनेंट हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में सूक्ष्म और लघु उद्यम के लिए युवाओं ने रुचि दिखाई है।
उन्होंने बताया कि एफमैक इनमें से व्यापार के लिए गंभीर युवाओं को जूता कारोबार के लिए जरूरी आर्थिक, बाजार में खरीद-बिक्री, कच्चा माल कैसे प्राप्त करें, मशीनरी समेत अन्य बिंदुओं के बारे में बताएगा। इसके उद्यम लगाने के लिए संस्था पूरा सहयोग भी करेगी। इसके लिए कार्ययोजना भी तैयार की है।
मीट एट आगरा को बनाएंगे मल्टीपल बाजार
मीट एट आगरा 16 साल में 20 हजार करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच गया है। तीन दिन तक चले मेले में 19144 विजिटर्स और 5187 जूता कारोबारी आए। ये देख भविष्य में मीट एट आगरा को मल्टीपल बाजार बनाने की योजना है। इसमें कपड़ा, ज्वेलरी, फर्नीचर, इंजीनियरिंग वर्क्स, हैंडीक्राफ्ट समेत अन्य को भी शामिल करना चाहते हैं। इससे ये हर क्षेत्र में देश-विदेश के लिए मिसाल बने। इसके लिए नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष अतुल गुप्ता के साथ खाका भी खींचा है। इससे आगरा में उद्यम और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा।