मेडिटेशन गुरु उपाध्याय विहसंतसागर का भक्तिभाव से किया पूजन
मैनपुरी। मेडिटेशन गुरु उपाध्याय विहसंतसागर ससंघ ने सोमवार को पद विहार करते हुए श्री शांतिनाथ चैत्यालय सर्वतोभद्र में मंगल प्रवेश किया। जैन मुनि उपाध्याय विहसंतसागर ने कहा कि उपवास की अपेक्षा तटस्थ जीवन उत्कृष्ट साधना है। भक्तिभाव से श्रद्धालुओं ने मुनिसंघ का पूजन किया।
श्री शांतिनाथ चैत्यालय में जैन मुनि का साधना जैन, डॉ. स्वाति जैन के द्वारा मंगल कलश और पुष्प वर्षा करके स्वागत किया गया। डॉ. सौरभ जैन, श्रेयस जैन ने पाद प्रक्षालन किया। इसके बाद गुरुदेव ने शांतिनाथ चैत्यालय पर भगवान के दर्शन किए। सायंकालीन सभा में गुरुदेव की संगीतमय आरती भक्ति की गई। पंचकल्याणक महोत्सव में भगवान के काल्पनिक माता-पिता बने नरेश चंद्र जैन और अंजलि जैन का माला व मुकुट पहनाकर स्वागत किया। माताजी की गोद भराई की गई।
मुनिसंघ के सानिध्य में श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक, शांतिधारा डॉ. सौरभ जैन, श्रेयस जैन के द्वारा की गई। मुनि राज ने कहा कि उपवास करने की अपेक्षा तटस्थ जीवन जीना उत्कृष्ट साधना है।
इस दौरान पंडित अनंत कुमार, उमेश चंद्र जैन एडवोकेट, संजय जैन एडवोकेट, सुशील जैन, संजय जैन, पंडित कमल जैन, आदेश जैन, प्रमोद जैन, गौरव जैन, गौरव उपवन, नितिन जैन आदि मौजूद रहे।