दवाइयों की जांच करते औषधि विभाग के अफसर
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित निखिल उद्यान के एक मकान से प्रशासन और औषधि विभाग की टीम ने बुधवार रात करीब 11 बजे एक करोड़ की दवाइयां बरामद कीं। नकली होने के शक में औषधि विभाग ने इन्हें जब्त कर लिया।
दवाइयों के नमूने लिए गए हैं। कई दवाइयों फिजिशियन सैंपल भी मिले हैं। औषधि विभाग को निखिल उद्यान के मकान में दवाइयों का भंडारण किए जाने की सूचना पुलिस से मिली थी। इसके बाद छापा मारने का फैसला हुआ।
छापादल पहुंचा तो दो कमरों के इसमकान में दवाइयों का जखीरा मिला। इनमें कफ सीरप, एंटीबायोटिक टेबलेट, इंजेक्शन, कॉस्मेटिक और आयुर्वेदिक दवाइयां शामिल हैं। अधिकांश पर फिजिशियन सैंपल लिखा है। ये अलग-अलग कंपनियों के हैं।
दिल्ली से मंगाई जाती है दवाइयां
इसी मामले में पुलिस ने दो डिलीवरी ब्यॉय से पूछताछ की है। उन्होंने बताया है कि दवाइयां दिल्ली से मंगाई जाती थीं। गोदाम मालिक सुनील गोयल और संजीव गोयल हैं। वे गोदाम के पास ही रहते हैं। टीम इनके घर पहुंची तो नहीं मिले।
सहायक औषधि आयुक्त शिव शरण सिंह ने बताया कि नकली होने की आशंका पर दवाइयों को जब्त किया गया है। इनकी कीमत लगभग एक करोड़ है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भी भेजी जा रही है। सैंपल की जांच कराकर केस दर्ज कराया जाएगा।
दवाइयों के गोदाम केबराबर में एक मकान में दस पासबुक और अन्य दस्तावेज मिले। गोदाम से बिल बुक मिली है। इन सभी को जब्त कर लिया गया है। इनमें से एक बिल बुक आर एम एंड संस की बताई गई है। इस पर पता कोतवाली का है।
तेजी से फैल रहा कारोबार
बता दें कि आगरा से नशीली दवाइयों का कारोबार भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यहां हरियाणा, पंजाब, दिल्ली से नशीली दवाइयां मंगाकर स्टोर की जाती हैं। इसके बाद राजस्थान, बिहार, पश्चिमी बंगाल को भेजा जाता है।
पिछले महीने यमुना पार में 90 लाख की दवाइयां मिली थीं। इनकी कंपनियां जांच में फर्जी मिलीं। इससे पहले भी कई बार नकली दवाएं मिल चुकी हैं। फतेहाबाद में 17 लाख कीमत के सात हजार नकली इंजेक्शन मिले थे। ये एंटिबायोटिक के थे।