आगरा के जिला अस्पताल में दवाएं ही मर्ज बन गई हैं। यहां पर मरीजों को अधूरी दवाएं मिल रही हैं। पर्चे पर लिखी सभी दवाएं काउंटर से नहीं मिल रहीं। मजबूरी में दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 2000 मरीज इलाज कराने लिए आ रहे हैं। यहां पर पर पेट रोग, त्वचा रोग, हड्डी रोग समेत अन्य मर्ज की दवाओं की कमी है। कई दवाएं तो ऐसी हैं, जो अस्पताल में संचालित जन औषधि केंद्र पर भी नहीं मिल रहीं। प्रमुख अधीक्षिका डॉ. सुनीता राठौर का कहना है कि अधिकांश दवाएं हैं, जो दवाएं कम हैं, इनकी सेंट्रल स्टोर में उपलब्धता पता कराती हूं। शासन से भी दवाएं जल्द आने वाली हैं।
ये बोले मरीज:
तीन दवा बाजार से खरीदनी पड़ी
फतेहाबाद निवासी संपत देवी ने बताया कि डॉक्टर साहब ने पर्चे पर आठ दवाई लिखी थी, जिसमें से तीन दवाई नहीं मिली है। मेडिकल स्टोर से इनको खरीदना पड़ रहा है।
कफ सिरप नहीं मिला
सेमरी निवासी सोनू का कहना है कि जुकाम-खांसी और बुखार है। जिला अस्पताल के काउंटर पर दवा लेने गया तो कफ सिरप नहीं मिला। कहा कि बाहर से खरीद लो।
महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती
मधु नगर निवाली रविंद्र सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में सस्ती दवाई मिल जाती है। महंगी दवाई बाजार से खरीदनी पड़ रही है। पीलिया की दवा और सिरप 450 रुपये में खरीदी।