ड्रग विभाग ने फार्मेसिस्ट न होने पर 10 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। निरीक्षण के दौरान इन दुकानों पर फार्मेसिस्ट नहीं मिले थे। उन्होंने पेनाल्टी के साथ विभाग से समय भी नहीं मांगा।
लाइसेंस रिन्यूवल के लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि थी। इसके बाद ड्रग विभाग ने मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण करना शुरू किया। इस दौरान कई दवा की दुकानों पर फार्मेसिस्ट नहीं मिले। इन्हें तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा किया। इस तिथि तक इन मेडिकल स्टोर संचालकों ने रिन्यूवल की कापी भी नहीं दिखाई। ड्रग इंस्पेक्टर रमेश चंद्र यादव ने बताया कि विभाग ने फार्मेसिस्ट न होने पर 10 स्टोर के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
आनलाइन पकड़ी जा रही कारस्तानी
अब मेडिकल स्टोर का लाइसेंस और रिन्यूवल आनलाइन करना पड़ रहा है। इसमें एक फार्मेसिस्ट का शपथ पत्र और शैक्षणिक रिकार्ड एक ही मेडिकल स्टोर के लिए किए जा सकते हैं। ऐसे में एक ही नाम से दो मेडिकल स्टोर पंजीकरण कराने पर कंप्यूटर प्रार्थना पत्र रिजेक्ट कर रहा है। अभी तक ये प्रक्रिया मैनुअल होती थी और एक फार्मेसिस्ट के नाम से कई स्टोर पंजीकृत हो जाते थे, जिससे यह कारस्तानी पकड़ी नहीं जा रही थी।