ड्रग विभाग ने खंदारी चौराहा स्थित मंजू मेडिको में दवा बिक्री और खरीद पर रोक लगा दी है। निरीक्षण में यहां दवाओं पर धूल जमी हुई मिली। कोनों में भी कचरा था। टीम ने नकली दवा होने की आशंका पर कार्डिएक-1.2 और 2.5 एमजी का भी सैंपल लिया है।
दरअसल पटना की ब्रांड प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने उनकी कंपनी सोनोफी इंडिया लिमिटेड की कार्डिएक 1.2 और 2.5 नकली दवा बेचने की शिकायत की थी। कंपनी का दावा था कि यहां से यही दवा खरीदकर जांच कराई, जो नकली मिली। बीते शनिवार को कंपनी के प्रतिनिधि मुस्तफा हुसैन यहां सर्वे करने आए थे लेकिन ड्रग विभाग की अथॉरिटी लेटर न होने के कारण सैंपल नहीं लिए जा सके। उन्होंने ड्रग विभाग और डीएम के यहां शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। इस पर ड्रग विभाग की टीम ने रविवार को छापा मारा। सहायक आयुक्त औषधि पीके मोदी ने बताया कि दवाओं पर धूल भरी हुई थी, सफाई नहीं थी। एक्ट के तहत इनकी दवा बिक्री-खरीद पर रोक लगा दी है। सफाई के बाद मेडिकल स्टोर संचालक विभाग में प्रार्थना पत्र देगा। निरीक्षण के बाद साफ-सफाई मिली तभी जाकर उसको राहत मिलेगी। वहीं कार्डिएक के सैंपल रिपोर्ट न आने तक इस पर रोक रहेगी।
ड्रग विभाग का मेडिकल स्टोरों पर छापा \
आगरा। पशुओं की दवा भी बाजार में नकली बेची जा रही हैं। डीएम के यहां पहुंची ऐसी शिकायत पर ड्रग विभाग ने ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की। तीन मेडिकल स्टोरों से नौ दवाओं के सैंपल जुटाए हैं। जांच के लिए सैंपल लैब भेजे जाएंगे।
ड्रग विभाग की टीम दवा बाजार फव्वारा में बिन्नी ड्रग हाउस इंद्रा मार्केट पहुंची। यहां से नियॉनी इंजेक्शन, टैबलेट डिसटोडिन- बॉविरम का सैंपल लिया। यहीं संत सूरी मार्केट स्थित दुर्गा मेडिकोज से इस्ट्रॉनफॉर्ट, स्वेगाकैल और मेलोनेक्ट्स-प्लस का नमूना लिया। मुबारक महल स्थित विमला मेडिकल एजेंसी से मेगाब्लोटा, लैक्सावैल-के और यूट्रीगार्ड सीरप के सैंपल लिए। सहायक आयुक्त औषधि पीके मोदी ने बताया कि नकली दवा बिकने की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर सैंपल लिए गए हैं। तीनों स्टोरों पर एक्सपायर्ड दवाओं के लिए अलग से स्थान नहीं था। नोटिस देकर दवा कहां से खरीदी गईं और इनके बिल मांगे गए हैं। टीम में आगरा के ड्रग इंस्पेक्टर रमेश चंद्र यादव, मथुरा के ड्रग इंस्पेक्टर दीपक कुमार रहे।