फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

800 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पर खतरा

Thu, 29 Dec 2016 01:17 AM IST
800 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पर खतरा
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर का रिन्यूवल आनलाइन होने से जनपद में 600-800 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त होने का खतरा मंडराने लगा है। फार्मासिस्ट की कमी के चलते इन स्टोर का रिन्यूवल नहीं हो पा रहा है। 31 दिसंबर रिन्यूवल कराने की अंतिम तिथि है।
विज्ञापन

जनपद में करीब 3500 फुटकर मेडिकल स्टोर पंजीकृत हैं। अब रिन्यूवल की प्रक्रिया आनलाइन हो रही है। ऐसे में एक फार्मासिस्ट एक ही स्टोर के लिए शपथ पत्र दे सकता है। अभी तक मैन्युअल प्रक्रिया में फार्मासिस्ट पांच से 10 स्टोर के लिए शपथ पत्र जमा करते रहे हैं। आनलाइन होने पर फार्मासिस्ट एक मेडिकल स्टोर के लिए ही शपथ पत्र दे सकता है। दूसरे मेडिकल के लिए शपथ पत्र देने पर वह पकड़ में आ जाएगा। सहायक आयुक्त औषधि पीके मोदी ने बताया कि फार्मासिस्ट के कागजात कई स्टोर के लिए लगे रहते थे। आनलाइन के बाद ऐसे स्टोरों का रिन्यूवल लटक जाएगा। तय समय में न होने पर उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। 

छह महीने की मिलेगी छूट 
31 दिसंबर तक रिन्यूवल न कराने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए एक और विकल्प बचा है। जुर्माने के साथ स्टोर संचालकों को छह महीने की छूट मिलेगी। प्रति माह 1000 रुपये देना होगा। रिन्यूवल के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री-शैक्षणिक रिकार्ड, लाइसेंस की फोटो कापी और पिछले रिन्यूवल की फोटो कापी की जरूरत रहती है।  
विज्ञापन


10 में से छह स्टोर बंद मिल रहे 
ड्रग इंस्पेक्टर रमेश यादव ने बताया कि जिनके लाइसेंस रिन्यूवल नहीं हुए हैं। उन पर 31 दिसंबर के बाद छापेमार कार्रवाई की जाएगी। बताया कि बिना रिन्यूवल वाले स्टोरों का सर्वे कर रहे हैं। हालत यह कि 10 में से 4-6 स्टोर बंद मिल रहे हैं। 

फार्मासिस्ट की डिग्री रद्द करने की मांग  
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने ऐसे फार्मासिस्ट की डिग्री रद्द करने की मांग की है, जो एक से अधिक स्टोर के लिए शपथ पत्र दे रहे हैं। इसके अलावा फार्मासिस्ट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की है। दवा बाजार में बैठक कर जल्द केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन देने का निर्णय हुआ। देवेंद्र अग्रवाल, रामअवतार, संजय कुमार, दीपक कुलश्रेष्ठ, अनुराग जैन रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें