आगरा में औषधि विभाग ने अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों की जांच शुरू कर दी है। अभी तक पांच मेडिकल स्टोर की जांच कर दवाओं के रिकाॅर्ड खंगाले हैं। इसमें हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी समेत 5 फर्म से जब्त दवाएं नहीं मिली हैं। इनकी चरणबद्ध जांच होगी।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि 22 अगस्त को हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पाॅइंट, ताज मेडिको और राधे मेडिकल एजेंसी के गोदामों से 71 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की थीं।
ये नामी कंपनियों के नाम से बनवाई गई थीं। इनके यहां से दवाओं की खरीद-बिक्री की जानकारी होने पर बरेली, अलीगढ़, मुजफ्फर नगर, लखनऊ, पुुडुचेरी में छापा मारा गया। इनकी जांच चल रही है। आगरा में इनसे दवाएं खरीदने वाले स्टोरों की भी जांच शुरू कर दी है। अभी अस्पतालों में चल रहे पांच मेडिकल स्टोरों की जांच की है, इसमें जब्त की दवाओं के बैच नंबर से मिलान कर रहे हैं। इन मेडिकल स्टोर पर एंटी एलर्जिक दवाएं जरूर मिली हैं, लेकिन इनका बैच नंबर अलग है। साथ ही सभी विक्रेताओं को इन पांच फर्म से दवाओं की खरीद-बिक्री करने पर विभाग को जानकारी देने के लिए भी निर्देशित कर दिया है।
दवाओं की रिपोर्ट न आने से जांच हो रही प्रभावित
औषधि विभाग ने बीते 22 अगस्त को इन पांच फर्म के गोदाम सीज करने के साथ ही जांच के लिए 24 नमूने लिए थे। करीब डेढ़ महीने बीतने पर इनकी रिपोर्ट नहीं आई है। इससे जांच प्रभावित हो रही है। अमूमन महीने भर में जांच रिपोर्ट आ जानी चाहिए। नकली दवाओं का अंतरराज्यीय गिरोह होने के बावजूद इसकी प्राथमिकता पर जांच नहीं कराई जा रही है। सहायक आयुक्त औषधि का कहना है कि इसी सप्ताह जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। रिपोर्ट में फेल होने पर आरोपियों के केस में धाराएं और बढ़ा दी जाएंगी।