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मेडिकल कॉलेज में बारह करोड़ के उपकरण ताले में हैं बंद

Fri, 05 Oct 2018 02:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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मेडिकल अध्ययन संबंधी सामान। - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग कॉलेज के लिए खरीदा गया करोड़ों का सामान कबाड़ में बदल गया है। कॉलेज शुरू न हो पाने के कारण उपकरण और फर्नीचर कमरे में बंद हैं। सपा के बाद भाजपा सरकार भी कॉलेज शुरू कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। एसएन में नर्सिंग कॉलेज के लिए 12.60 करोड़ रुपये जारी हुए। 

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छह करोड़ रुपये की इमारत, तीन करोड़ रुपये के उपकरण-फर्नीचर और बाकी की धनराशि अन्य कार्यों के लिए तय हुई। 2014 में इंडियन नर्सिंग काउंसिल (एनआईसी) से बीएससी नर्सिंग की 40 सीटों की मंजूरी मिली और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्धता भी हो गई। शासन ने प्रधानाचार्य डॉ. अमृता कपूर, दो शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर दी।

इसी साल प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन छात्रों के साक्षात्कार से एक दिन पहले ही तत्कालीन सपा सरकार ने प्रवेश पर रोक लगा दी। उसी दिन से कॉलेज पर ताला डाल दिया। प्रवेश न होने पर एनआईसी ने मान्यता भी समाप्त कर दी। तब से करोड़ों के उपकरण और फर्नीचर कमरे में बंद हैं।
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हालांकि प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि कॉलेज को शुरू कराने के लिए शासन को नए सिरे से प्रस्ताव भेजा गया है।

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जंग खा रहे मेडिकल उपकरण। - फोटो : अमर उजाला
पिछले साल योगी आदित्यनाथ एसएन के निरीक्षण पर आए, तब फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा ने उनको कॉलेज खुलवाने के लिए ज्ञापन दिया उनको इसकी जरूरत और छात्रों के लाभ के बारे में बताया। तब मुख्यमंत्री ने कॉलेज शुरू कराने का भरोसा दिया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। 
 
छात्र और मरीजों को मिलता बड़ा लाभ

बीएससी नर्सिंग कॉलेज शुरू होने पर छात्रों को बड़ी राहत मिलती। सरकारी कॉलेज की फीस के मुकाबले प्राइवेट की फीस कई गुना थी। अमूमन प्राइवेट कॉलेज में एक साल की फीस एक से डेढ़ लाख रुपये तक वसूलते हैं। यहां की फीस लगभग 35 हजार रुपये रहती। इसके अलावा यहां से हर साल 40 प्रशिक्षु नर्सिंग स्टाफ एसएन को मिलता, जिससे चिकित्सकीय कार्यों में डाक्टरों को सहयोग मिलता।
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