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UP: एक करोड़ की रिश्वत देने वाला दवा माफिया...जब हवालात में गुजारनी पड़ी रात, तो हो गई ऐसी हालत

Wed, 27 Aug 2025 08:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एक करोड़ की घूस की पेशकश करने वाले दवा माफिया की हवालात में हालत खराब रही। उसे एसी मिला न आरओ का पानी। वो रातभर हवालात में गेट पर खड़ा रहा।
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agra fake medicine raids - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के कमला नगर में आलीशान कोठी और मोती कटरा में चार मंजिला आफिस और गोदाम। हर समय आफिस में एसी की हवा और पीने के लिए आरओ का पानी। महंगी कारों में सफर तो एक आवाज पर कर्मचारियों की लाइन। हे मां मेडिकल एजेंसी के संचालक हिमांशु अग्रवाल ने दवाओं के कारोबार से बड़ा साम्राज्य खड़ा किया। नकली दवाओं और एक करोड़ की घूस देने के आरोप में पकड़े जाने के बाद थाने लाते ही पसीने आ गए। उसने आफिस में बैठाने की मांग की लेकिन पुलिस ने हर अपराधियों की तरह हवालात में डाल दिया।
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एसटीएफ को रिश्वत देने के आरोप में कर्मयोगी एन्क्लेव, कमला नगर निवासी हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था। टीम उसे थाना कोतवाली लेकर आई थी। एसटीएफ के मुताबिक, कभी एसी से बाहर नहीं आने वाला हिमांशु थाने आया तो उसे पसीने आने लगे। टीम ने उसे हवालात में बंद कर दिया। वो कहने लगा कि उसे आफिस में बैठा दिया जाए। गर्मी में तबीयत खराब हो जाती है। पुलिस ने उसे आम अपराधियों की तरह हवालात में रहने के बारे में बताया। इस पर वो हवालात में खड़ा ही रहा।

 

बैठने के लिए तैयार नहीं था
हिमांशु फर्श पर ही बैठने को तैयार नहीं था, रात में हवालात के गेट पर रहा। उसके लिए पुलिस ने बाहर पंखा लगाया था। जबकि अन्य दो आरोपी आराम से सो रहे थे। दिन में कुछ कर्मचारी भोजन लेकर आए थे। थाना निरीक्षक ने कर्मचारियों को वापस कर दिया। उन्होंने कहा कि भोजन पुलिस देगी और पानी भी मटके का ही पीना होगा। पुलिसकर्मियों ने तोरई की सब्जी और रोटी दी।

लैपटॉप और मोबाइल से हो सकते हैं बड़े खुलासे
 नकली दवाओं के सिंडिकेट में शामिल दवा माफिया और एजेंटों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ लगी है। हे मां मेडिकल एजेंसी के संचालक हिमांशु अग्रवाल को जेल भेजने के बाद उसके गोदाम से दो लैपटाॅप, दो कंप्यूटर और मोबाइल बरामद किए गए हैं। टीमें अब उनकी जांच में जुटी हैं। आशंका है कि व्हाट्सएप पर ऑर्डर मिलने के बाद माल की डिलीवरी की जाती थी। इसका पूरा हिसाब-किताब लैपटाॅप में रखा जाता था। पुलिस ने उन्हें खोलने का प्रयास किया लेकिन लैपटाॅप में लाॅक होने की वजह से खुल नहीं सके।

इसे खोलने के लिए फाॅरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की मदद ली जाएगी। मोबाइल और लैपटाॅप से कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। एसटीएफ ने सबसे पहले आगरा कैंट से पार्सल में दवाएं लेकर आए एक टेंपो चालक को पकड़ा था। यह पार्सल पुडुचेरी से आया था। चालक ने बिल दिखाए थे। 87 लाख की दवाएं 10 लाख के बिल पर लाई गई थीं। इन दवाओं को लखनऊ की न्यू बाबा फार्मा और पार्वती ट्रेडर्स पर पहुंचाया जाना था लेकिन इससे पहले यह माल हे मां मेडिकल एजेंसी पर पहुंचाया जा रहा था।
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टीम ने कंपनी के मोती कटरा स्थित गोदाम में तलाशी ली। इस दाैरान दो लैपटाप, दो कंप्यूटर के साथ ही मोबाइल मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है। एसटीएफ के मुताबिक, मोबाइल से काफी जानकारी मिल सकती है। कई बड़े व्यापारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जो हे मां मेडिकल एजेंसी से दवाएं खरीदा करते थे। इन सभी पर शिकंजा कसा जाएगा।


 
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