एसटीएफ को रिश्वत देने के आरोप में कर्मयोगी एन्क्लेव, कमला नगर निवासी हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था। टीम उसे थाना कोतवाली लेकर आई थी। एसटीएफ के मुताबिक, कभी एसी से बाहर नहीं आने वाला हिमांशु थाने आया तो उसे पसीने आने लगे। टीम ने उसे हवालात में बंद कर दिया। वो कहने लगा कि उसे आफिस में बैठा दिया जाए। गर्मी में तबीयत खराब हो जाती है। पुलिस ने उसे आम अपराधियों की तरह हवालात में रहने के बारे में बताया। इस पर वो हवालात में खड़ा ही रहा।
इसे खोलने के लिए फाॅरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की मदद ली जाएगी। मोबाइल और लैपटाॅप से कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। एसटीएफ ने सबसे पहले आगरा कैंट से पार्सल में दवाएं लेकर आए एक टेंपो चालक को पकड़ा था। यह पार्सल पुडुचेरी से आया था। चालक ने बिल दिखाए थे। 87 लाख की दवाएं 10 लाख के बिल पर लाई गई थीं। इन दवाओं को लखनऊ की न्यू बाबा फार्मा और पार्वती ट्रेडर्स पर पहुंचाया जाना था लेकिन इससे पहले यह माल हे मां मेडिकल एजेंसी पर पहुंचाया जा रहा था।
टीम ने कंपनी के मोती कटरा स्थित गोदाम में तलाशी ली। इस दाैरान दो लैपटाप, दो कंप्यूटर के साथ ही मोबाइल मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है। एसटीएफ के मुताबिक, मोबाइल से काफी जानकारी मिल सकती है। कई बड़े व्यापारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जो हे मां मेडिकल एजेंसी से दवाएं खरीदा करते थे। इन सभी पर शिकंजा कसा जाएगा।