मैनपुरी। पांच महीने के मानदेय से वंचित रसोइयों के लिए अच्छी खबर है। शासन ने कोरोना महामारी के बीच एमडीएम बंद रहने के बाद भी उन्हें मानदेय देने का निर्णय लिया है। शासन ने जिले की 4175 रसोइयों को तीन महीने का मानदेय देने के लिए 1.87 करोड़ रुपये की धनराशि जिले में भेजी है। एक सप्ताह में रसोइयों के खातों में धनराशि भेजी जाएगी।
सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए मिडडे मील दिया जाता है। लॉकडाउन के चलते 25 मार्च से स्कूल बंद हैं। इसके चलते एमडीएम व्यवस्था भी बंद चल रही है। शासन के निर्देश के बाद शिक्षकों के लिए स्कूल खुले तो रसोइया भी प्रतिदिन स्कूल पहुंच रहे हैं। रसोइयों को मार्च के बाद से मानदेय नहीं मिला था। रसोइयों को सरकार एक साल में 10 महीने का मानदेय देती है। शासन ने रसोइयों के लिए तीन महीने के मानदेय की धनराशि 1.87 करोड़ रुपये बीएसए के एमडीएम खाते में उपलब्ध करा दी। शासन के प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि शीघ्र रसोइयों का तीन महीने का मानदेय उनके खातों में भेज दिया जाए।
अप्रैल, जुलाई और अगस्त का मिलेगा मानदेय
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रत्येक रसोइये को अप्रैल, जुलाई और अगस्त का मानदेय 45 सौ रुपये उनके खातों में भेजा जाएगा। इसके लिए डीसी एमडीएम और कंप्यूटर ऑपरेटर को निर्देश दे दिए गए हैं। एमडीएम खातों में भेजे जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
प्रधानाध्यापकों से उधार लेकर परिवार चला रही हैं रसोइया
पांच महीने से मानदेय न मिलने की स्थिति में कई रसोइया प्रधानध्यापक से उधार लेकर अपने परिवार को भरण पोषण कर रही हैं। रसोइयों को चिंता सता रही थी कि कहीं एमडीएम बंद रहने के कारण उनका मानदेय काट न दिया जाए।
हाईलाइर्ट्स
4175 रसोइया जिलेभर में होंगे लाभान्वित
1.87 करोड़ रुपये की धनराशि होगी खातों में ट्रांसफर