14एमएनपी-27-किशनी के प्राथमिक विद्यालय चितायन में भोजन तैयार करवाते छात्र-छात्राएं
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी/किशनी। क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में पढ़ाई लिखाई की जगह छात्र-छात्राओं को अन्य कामों में लगाया जा रहा है। कभी छात्र-छात्राओं से विद्यालय परिसर की सफाई कराई जाती है तो कभी अन्य काम कराए जाते हैं। शनिवार को प्राथमिक विद्यालय चितायन में मिड-डे मील रसोइया की जगह छात्र-छात्राओं से बनवाया गया। खाना बनाने के लिए गैस चूल्हा नहीं था, बल्कि ईंटों के चूल्हेे पर। वीडियो वायरल होने के बाद से शिक्षा विभाग के अफसरों में हड़कंप की स्थिति है।
प्राथमिक विद्यालय चितायन में शनिवार को बच्चों कि हाथों में किताबों के स्थान पर एमडीएम सामग्री नजर आ रही थी। बच्चे रसोईघर में खाना तैयार कराते देखे गए। बच्चों से गर्म भगौना तक उतरवाया गया। इस दौरान बच्चे हादसे का शिकार भी हो सकते थे, लेकिन इसकी किसी को परवाह नहीं थी। ऐसा यहां पहली बार नहीं हुआ। कई बार रसोइयों को बच्चों की मदद लेते हुए देखा गया। जानकारी पर पाया गया कि यहां की प्रधानाध्यापक नीतू छह माह के बाल्यकाल अवकाश पर चल रही हैं। इंचार्ज प्रधानाध्यापक पद पर प्रियंका को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं इंचार्ज प्रधानाध्यापक प्रियंका ने बताया कि शनिवार को दो रसोइया कमलेश और सुशीला आई थीं, रेखा छुट्टी पर थीं। बच्चों से खाना बनवाने के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
तीन रसोइया फिर भी बच्चे बनाते खाना
प्राथमिक विद्यालय चितायन में मिड-डे मील बनाने के लिए तीन रसोइया कमलेश, सुशीला व रेखा की तैनाती है। बावजूद इसके यहां बच्चों से या तो खाना बनवाया जाता है या फिर उनकी खाना बनाने में मदद ली जाती है। बारी-बारी से इस काम में बच्चों को लगाया जाता है। विद्यालय में कुल 153 बच्चे पंजीकृत है।
बच्चों के द्वारा खाना बनाने का मामला मेरे संज्ञान में नही है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सर्वेश कुमार, बीईओ
यदि बच्चों से खाना बनवाया जा रहा है तो मामला गंभीर है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। बच्चों पर किसी भी हालात में खाना बनाने में सहयोग नहीं लिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए