आगरा के पिनाहट के उच्च प्राथमिक विद्यालय सेरख में बच्चों ने निरीक्षण के दौरान नियमित एमडीएम न मिलने और दूध का वितरण कभी-कभार होने की शिकायत की। जांच में शिकायत सही मिलने पर बीईओ ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की, जिसके बाद बीएसए ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई मिड-डे मील (एमडीएम) योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। पिनाहट के उच्च प्राथमिक विद्यालय सेरख में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के निरीक्षण के दौरान बच्चों ने खाना नहीं मिलने की शिकायत की। कहा कि दूध का वितरण कभी नहीं किया जाता है। बीईओ ने बच्चों के बयान और जांच के आधार पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
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स्कूल में मिड-डे मील न बनने की शिकायत बीईओ से की गई थी। शिकायत के आधार पर 8 अगस्त को बीईओ पिनाहट महेश ने स्कूल का निरीक्षण किया था। 35 बच्चों के पंजीकरण वाले स्कूल में निरीक्षण के समय सिर्फ सात बच्चे मिले थे। कक्षा 6 के बच्चों ने नियमित खाना न बनने की शिकायत की थी। माैके पर उपस्थित सहायक शिक्षक संदीप जैन ने एमडीएम बनने का दावा किया।
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बच्चों के बयान और शिक्षक के दावे के विरोधाभास ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। निरीक्षण के दौरान इंचार्ज प्रधानाध्यापक जुबेर उल हक अनुपस्थित मिले थे। जांच में बच्चों का लर्निंग आउटकम और विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। निरीक्षण वाले दिन भी खाना नहीं बना था। निरीक्षण में शिकायत सही पाए जाने पर बीईओ ने कार्रवाई के लिए बीएसए को रिपोर्ट भेज दी। बीएसए ने सोमवार को प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के उल्लंघन, कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसे आरोपों पर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।