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हनुमान जन्मोत्सव: क्रेन पर सवार होकर मेयर ने की हनुमान की पूजा, स्वागत द्वार की चोटी पर फहराया ध्वज   

Sun, 17 Apr 2022 12:15 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

लंगड़े की चौकी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर भव्य आयोजन हुआ। यहां क्रेन पर सवार होकर मेयर ने लंगड़े की चौकी पर बने स्वागत द्वार की ऊंचाई पर विराजमान हनुमान भगवान की पूजा की। 
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क्रेन पर सवार होकर मेयर ने की हनुमान की पूजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर आज सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई।  500 साल पुराने मुगलकालीन लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर में 10 दिनों से हनुमत जन्मोत्सव का आयोजन हो रहा है। यहां हनुमान जी का दिव्य विग्रह संगमरमर के सिंहासन पर विराजमान हैं, जिनके दर्शन मात्र से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। हनुमान बाबा के चरणों में विनती लगाने या अपने मनोरथ पूरे होने पर फूल बंगला सजवाने वालों की लंबी फेहरिस्त है। दो साल तक मंदिर में फूल बंगला बुक रहते हैं। 

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हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर  प्राचीन लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर पर भव्य फूल बंगला और दिव्य 56 भोग का आयोजन किया गया। मेयर नवीन जैन ने लंगड़े की चौकी पर बने स्वागत द्वार की ऊंचाई पर विराजमान हनुमान भगवान की पूजा की। क्रेन के जरिये मेयर ने छतरी की चोटी पर ध्वज फहराया। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद नेहा गुप्ता, महंत गोपी गुरू, प्रदीप अग्रवाल, शिवा शर्मा, राघव शर्मा और मुकेश सोलंकी भी मौजूद रहे।

हनुमान जी की झांकी ने किया मंत्रमुग्ध

हनुमान जन्मोत्सव सेवा समिति ने शनिवार को हनुमान जयंती मनाई। टेढ़ी बगिया रोड़ स्थित हनुमान मंदिर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुंदरकांड के पाठ और हनुमान जी की सुंदर झांकी ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर सुनील शर्मा, मनोज, दया शंकर दुबे, लाला लाजपत अग्रवाल, चौबसिंह धाकरे, राहुल गौतम राहुल शर्मा, मनीष, गुंजन आदि मौजूद रहे। 

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स्वागत द्वार की चोटी पर फहराया ध्वज - फोटो : अमर उजाला

जानें मंदिर का इतिहास

मंदिर महंत गोविंद उपाध्याय के अनुसार प्राचीन काल में जहां मंदिर है, यहां एक सरकारी चौकी हुआ करती थी। यहां लंगड़ा चौकीदार तैनात था। वह भगवान श्रीराम का भक्त था। एक दिन वह अपनी ड्यूटी पर नहीं था, किसी ने उसकी शिकायत कर दी। 
कोतवाल पता करने गया तो चौकीदार श्रीराम कथा में मौजूद था। वह वापस लंगड़े की चौकी वाले स्थान पर आया तो वहां भी वह चौकीदार मिल गया। चौकीदार से पूछे जाने पर उसने बताया कि यहां हनुमान जी ड्यूटी कर रहे थे। इसके बाद यहां मंदिर का निर्माण कराया गया। जिसका नाम लंगड़े चौकीदार के नाम पर रखा गया।
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