बाह: देवपुरा में लगा मोहर छठ का मेला
बाह। मोहर छठ पर्व बृहस्पतिवार को भी मनाया गया। मोहर विसर्जन की परंपरा के साथ ही मेलों का आयोजन हुआ। साल भर में सात फेरे लेने वाले दूल्हा-दुल्हन के मौर यमुना नदी के कचौराघाट, पई घाट, कमतरी घाट पर विसर्जित हुए। नंदगवा, देवपुरा, जरार, नरहोली के तालाब में मोहर विसर्जन के लिए महिलाएं पहुंचीं। नंदगवा में मोहर विसर्जन कर रही गुड्डी देवी ने बताया कि बेटे मदन का मोहर विसर्जित कर वर वधू के अटूट बंधन एवं खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की है।
जरार की माया देवी, शकुंतला, बेबी मोहर विसर्जन के लिए ‘धीरे-धीरे बहना ओ मैया, मौर हमारा जाए, अमर रहे ये अटूट बंधन, कोई नजर न लगाए’ गीत गाते हुए पहुंचीं। नौगवां में शांती देवी, रेशम देवी, ममता ने ‘विसर्जन करने आई रे, मैया मोरे मौर का,अमर रखियो मैया, दूल्हा-दुल्हन के जोड़ का’ गीत गाया। पूजन के बाद प्रसाद का वितरण किया। मोहर विसर्जन के लिए नौगवां और देवपुरा में मेलों का आयोजन हुआ। मेलों में महिलाओं ने गृहस्थी के सामान की जमकर खरीददारी की। भजन, कीर्तन की महफिल भी जमी।