मौनी बाबा के साथ ही प्रेमदास पाठक बाबा भी साधना करते हैं। भभूत पाठक बाबा की जटाएं शरीर पर नजर आती है। पहले तो पाठक बाबा ब्रज की रस को भक्तों को खाने के लिए देते हैं और फिर ब्रजरज की महिमा भी बताते हैं।
इस शिविर में पहुंचने वाले भक्तों को मौनी बाबा और पाठक बाबा अपने हाथों से बना प्रसाद भी खिला रहे हैं। इसमें धूनी पर बने टिक्कर कुंभ क्षेत्र में संतों के साथ श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। बताते हैं कि बाबा की जब इच्छा होती है अन्य पदार्थ भी प्रसाद के रूम तैयार कर भक्तों को वितरित कराने लगते हैं।