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मथुरा: जल्द शुरू होगा वृंदावन रिवर फ्रंट पर काम: महेंद्र सिंह

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वृंदावन (मथुरा)। भगवान श्रीराधाकृष्ण की लीलास्थली वृंदावन में यमुना पर जल्द ही रिवर फ्रंट का काम फिर शुरू होगा। एनजीटी से इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। हाईकोर्ट से प्रयास जारी है। यहां यमुना के खादर और डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण का संज्ञान लिया जाएगा। यह बातें शुक्रवार को देवरहा बाबा आश्रम को बाढ़ से सुरक्षित करने के प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने आए जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री महेंद्र सिंह ने कहीं।
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कहा कि पहले बाढ़ नियंत्रण के लिए पैसा अप्रैल-मई में जारी होता था, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने जनवरी में ही धनराशि जारी करना शुरू कर दिया है, जिससे बाढ़ नियंत्रण परियोजना पर समय से काम हो रहा है।
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि वृंदावन में दोनों साइडों पर उन्होंने काम देखा है। कालीदह पर काम पूरा हो गया। देवरहा घाट को बचाने के लिए 25 दिन में काम पूर्ण हो जाएगा। 6 साल पहले बाढ़ से जमीन का कटान प्रदेश में 15 लाख हेक्टेयर था, जो पिछले वर्ष 12 हजार रह गया। अब 6 हजार हेक्टेयर ही रह गया है। विभाग इस पर तेजी से काम कर रहा है।
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उन्होंने बताया कि वृंदावन रिवर फ्रंट की 176 करोड़ की योजना पर जल्द काम शुरू होगा। एनजीटी में यह मामला खत्म हो चुका है। हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण की समीक्षा की है। जल्द ही इसे भी निस्तारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यमुना खादर और डूब क्षेत्र में निर्माण की स्थिति को संज्ञान लेने की बात कही। इससे पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह ने बाढ़ नियंत्रण की परियोजनाओं का निरीक्षण विभागीय अधिकारियों के साथ किया। इस मौके पर विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु शर्मा और पूर्व चेयरमैन मुकेश गौतम आदि मौजूद रहे। निरीक्षण से पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह ने श्रीबांकेबिहारी के दर्शन भी किए।
संतों ने कैबिनेट मंत्री को बताई यमुना की दुर्दशा
कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह से संतों ने मुलाकात कर यमुना की दुर्दशा पर ज्ञापन सौंपा। धर्म रक्षा संघ के तत्वावधान में संतों ने वृंदावन में रिवर फ्रंट, यमुना में निर्मल, स्वच्छ एवं अविरल जल आदि पर चर्चा की।
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश, मार्गदर्शक महंत मोहिनी बिहारी शरण ने कहा कि कुछ वर्षों पूर्व तक यहां प्रत्येक मंदिर में यमुना जल से श्रीविग्रह का अभिषेक कराया जाता था और यमुना जल का सभी भक्त बड़े श्रद्धा भाव से आचमन करते थे मगर आज यमुना की ऐसी दुर्दशा हो चुकी है कि न तो मंदिर देवालय में यमुना जल प्रयोग हो सकता है और न ही इसका आचमन किया जा सकता है। महामंडलेश्वर स्वामी रूद्रदेवानंद, महामंत्री श्रीदास प्रजापति ने कहा आज भी स्थानीय प्रशासन के लापरवाही के कारण यमुना में अनेक नाले निर्बाध रूप से गिर रहे हैं।
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