इस बार नकल माफिया ने परीक्षा केंद्रों के बाहर कापियां लिखवाकर उन्हें मूल कापी से बदल डाला है। मथुरा में मूल्यांकन केंद्र पर मिर्जापुर से जंचने आईं कापियों में भारी घालमेल पकड़ा गया है।
एक पेज पर राइटिंग कुछ है तो दूसरे पर कुछ। ऊपर का पन्ना छोटा है तो नीचे वाला बड़ा। इतना ही नहीं कापी की पिन भी खुली हुई है। इन कापियों को सील करके यूपी बोर्ड को भेजा जा रहा है।
नकल रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने पूरी ताकत लगा दी थी। इसका नतीजा रहा कि 11 लाख छात्रों ने परीक्षा ही छोड़ दी थी। कई केंद्रों को सील भी किया गया। सरकार की सख्ती को देखकर नकल माफिया ने भी कापियां बदलने का तरीका ढूंढ निकाला।
परीक्षा केंद्रों के बाहर कापियां लिखी गईं हैं। इन कापियों को या तो मूल कापी के भीतर ही जोड़ दिया गया या फिर दूसरी कापी लगा दी गई। अब मूल्यांकन में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
सोमवार को जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर मिर्जापुर से आईं कापियों में भी बड़ा गोलमाल पकड़ा गया। यहां शिक्षा शास्त्र की कापियां जांच रहे परीक्षक अशोक वर्मा का माथा कापी के पहले पेज की लिखावट और अंदर की राइटिंग में अंतर देखकर ठनक गया।
गौर से देखा तो कापियों में लगी पिन निकल रही थी, छिद्रांकन व पहले पेज और अंदर के पेजों के साइज का मिलान भी नहीं हो रहा था। स्पष्ट लग रहा था कि कापियों के पेज बदले गए है।
सील कर दी गईं कापियां
ये कापियां मूल्यांकन के लिए मिर्जापुर मंडल से आई हैं। इस पर परीक्षक अशोक वर्मा ने मूल्यांकन केंद्र प्रभारी डॉ. संतोष सारस्वत को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। डॉ. सारस्वत ने बताया कि दो कापियों को सील कर बोर्ड भेज दिया गया है।
डीआईओएस डा. रुण कुमार दुबे का कहना है कि मूल्यांकन केंद्र जीआईसी कालेज में परीक्षकों को जो कापियां संदिग्ध लगी हैं उन्हें सील कर माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय भेजा जा रहा है। बोर्ड ही अंतिम निर्णय लेगा।