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कोटा में सुसाइड: 'पापा नीट इस बार क्लीयर हो जाएगा' और ऐसे टूट गया सपना...आखिरी बार फोन पर कहीं ये बातें

Thu, 05 Sep 2024 07:52 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा के बरसाना के रहने वाले छात्र परशुराम ने कोटा में खुदकुशी कर ली। वह कोटा में नीट की तैयारी कर रहा था। परशुराम के पिता खेती करते हैं। वो तीन साल से कोटा में था।
 
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परशुराम का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहे बरसाना थाना क्षेत्र के गांव मानपुर के युवक ने बुधवार रात को वहां फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी। तीन साल से वह कोटा में रह रहा था। नीट परिणाम के चलते तनाव में आने पर उसने यह कदम उठाया। बृहस्पतिवार देर शाम को परिजन शव गांव में लेकर आए। घर व गांव में मातम पसर गया।
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छात्र परशुराम (21) के पिता खचेरमल पेशे से राजमिस्त्री हैं। उन्होंने बताया कि बेटे ने बुधवार रात फोन पर बात की थी। बताया कि वह नीट परीक्षा परिणाम को लेकर तनाव में है। घर वापस आना चाहता है। खचेरमल ने बताया कि बेटे के पहली नीट परीक्षा में 490 नंबर आए थे। हाल ही नीट एग्जाम में 647 नंबर आए थे। रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद दोबारा जारी रिजल्ट में 66 प्रतिशत नंबर दिखाए गए। इसी से बेटा तनाव में आ गया था। बेटा कोटा के पुराने जवाहर नगर इलाके में किराए के मकान में रहता था।



 

5-7 दिन पहले ही वहां रहने गया था। निजी कोचिंग से नीट की तैयारी कर रहा था। मकान मालिक ने उसे फंदे पर लटका देखकर कंट्रोल रूम में सूचना दी थी। रात साढ़े 11 बजे थाना पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची। बेटे को पंखे से लगे फंदे से उतारा और कोटा के निजी अस्पताल ले गए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया। पिता ने बताया कि जानकारी पर वह बड़े बेटे रवि, दो रिश्तेदारों के साथ कोटा गए। वहां से पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लेकर आए।
 

फोन पर अंतिम बार कहे ये शब्द 
खचेरमल ने बताया कि बेटे ने बुधवार रात को फोन पर बात की थी। कह रहा था कि उसका मन नहीं लग रहा, घर आना चाहता है। उसके बाद उसने फोन काट दिया। इसके बाद कई बार उसे फोन किया। मगर, फोन नहीं उठा। कम अंकों को लेकर बेटे को समझाया था कि कोई बात नहीं फिर से परीक्षा देकर देख ले। मगर, वह तनाव में इतना डूब गया है, जो कि जान देने जैसा कदम उठा लेगा इसकी परिवार को भनक भी नहीं थी। परशुराम 30 अगस्त को ही कोटा गया था। वह रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर घर आया था।
 
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बुआ के घर रहकर की थी 12वीं तक की पढ़ाई
भरतपुर के नयाबांस गांव में परशुराम की बुआ नैनी रहती हैं। परिजनों ने बताया कि उसने 12वीं तक की पढ़ाई बुआ के घर पर ही रहकर की थी। पढ़ाई में अच्छा होने के चलते उसके राजमिस्त्री पिता ने पैसों की परवाह न करते हुए बेटे को 2021 में कोटा नीट की तैयारी को भेजा था। वह दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था। परिवार का अरमान था कि बेटा आईआईटी से पढ़ाई के बाद अच्छी नौकरी करेगा और परिवार का भविष्य सुधार देगा। मगर, उसके इस कदम ने मां रामवती, दो विवाहित बहन पिंकी और सुनीता देवी को सदमे में डाल दिया। इधर, पूरे गांव में भी मातम पसर गया, जिसे भी परशुराम की आत्महत्या की जानकारी मिली वह उसके परिजनों को सांत्वना देने उसके घर पहुंचा।
 
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