छात्र परशुराम (21) के पिता खचेरमल पेशे से राजमिस्त्री हैं। उन्होंने बताया कि बेटे ने बुधवार रात फोन पर बात की थी। बताया कि वह नीट परीक्षा परिणाम को लेकर तनाव में है। घर वापस आना चाहता है। खचेरमल ने बताया कि बेटे के पहली नीट परीक्षा में 490 नंबर आए थे। हाल ही नीट एग्जाम में 647 नंबर आए थे। रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद दोबारा जारी रिजल्ट में 66 प्रतिशत नंबर दिखाए गए। इसी से बेटा तनाव में आ गया था। बेटा कोटा के पुराने जवाहर नगर इलाके में किराए के मकान में रहता था।
5-7 दिन पहले ही वहां रहने गया था। निजी कोचिंग से नीट की तैयारी कर रहा था। मकान मालिक ने उसे फंदे पर लटका देखकर कंट्रोल रूम में सूचना दी थी। रात साढ़े 11 बजे थाना पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची। बेटे को पंखे से लगे फंदे से उतारा और कोटा के निजी अस्पताल ले गए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया। पिता ने बताया कि जानकारी पर वह बड़े बेटे रवि, दो रिश्तेदारों के साथ कोटा गए। वहां से पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लेकर आए।