डॉक्टर अपहरण कांड में फिरौती की रकम के बंटवारे के आरोपों से घिरे मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर को शुक्रवार देर रात हटा दिया गया। उन्हें विशेष जांच लखनऊ का डीआईजी बनाया गया है। उनकी जगह गौरव ग्रोवर को मथुरा का एसएसपी बनाया गया है।
डॉक्टर अपहरण कांड में आईजी आगरा ए सतीश गणेश द्वारा की गई जांच में एसएसपी से लेकर एसएचओ तक की भूमिका संदिग्ध बताई गई थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
इसके बाद हाइवे थाने के एसएचओ को निलंबित कर दिया गया था, जबकि संबंधित सर्किल के क्षेत्राधिकारी को एसएसपी कार्यालय से संबद्ध किया था। अब एसएसपी पर गाज गिरी है। उधर, डॉक्टर का अपहरण करने वाले चारों बदमाशों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है।
यह है मामला
जानकारी के अनुसार बीत वर्ष दिसंबर माह में मथुरा के एक डॉक्टर का अपहरण हो गया था। अपहरणकर्ताओं ने डॉक्टर के परिजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। परिजनों ने 52 लाख रुपये अपहरणकर्ताओं को देकर डॉक्टर को छुड़ा लिया था।
डॉक्टर के पास जब बाकी पैसे देने के लिए अपहरणकर्ताओं ने संपर्क किया और दोबारा अपहरण की धमकी दी तो डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक अपहरणकर्ता को हिरासत में ले लिया था। आरोप है कि पुलिस ने फिरौती की रकम हड़प ली और बदमाश को छोड़ दिया था।
मामला जब मीडिया में आया तो इस मामले की जांच एडीजी कानून व्यवस्था के निर्देश पर आगरा के आईजी रेंज को दी गई। उन्होंने 22 बिंदुओं पर एसएसपी से जवाब मांगा था। सूत्रों का कहना था कि एसएसपी का जवाब संतोषजनक नहीं था। आईजी ने इस मामले में एसएसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की थी।
हाल ही में हुआ था प्रमोशन
शलभ माथुर का हाल ही में एक जनवरी को एसएसपी के पद से डीआईजी के पद पर प्रमोशन हुआ है। वो 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मथुरा के अलावा गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा और नोएडा जैसे बड़े जिलों के भी एसएसपी रह चुके हैं।