वृंदावन (मथुरा)। श्री कृष्णदास कविराज की भजन स्थली बड़ी सूरमाकुंज में सोमवार को 406वीं श्री चैतन्य चरितामृत जयंती मनाई गई। प्रात:काल श्री चैतन्य चरितामृत की हस्तलिखित मूल प्रति के दुर्लभ दर्शन के साथ पूजन एवं संतों द्वारा ग्रंथ पाठ, संकीर्तन, प्रवचन हुए। फूलबंगले में विराजमान श्रीराधाकृष्ण के हृदय कमल से प्रगटित लाडले ठाकुर श्री राधा नयनानंदजू के दिव्य दर्शन का कार्यक्रम हर्षोल्लास पूर्वक किया गया।
कोविड नियमों के तहत सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पवित्र ग्रंथ श्री चैतन्य चरितामृत का सस्वर पाठ एवं हरिनाम संकीर्तन का आयोजन हुआ। दरअसल यह सप्त दिवसीय उत्सव 25 मई से प्रारंभ हुआ था। इसके अंतर्गत श्री नृसिंह जयंती महोत्सव, श्री कृष्ण कर्णामृत की कथा, 500 जरूरतमंद व्यक्तियों को राशन कीट प्रदान की गई।
यह कार्यक्रम महंत श्री हरिदास महाराज के सानिध्य में एवं ब्रजरसिक संत प्रेम दास महाराज के संरक्षण में हुए। महंत प्राणकृष्ण दास, महंत जगन्नाथ दास महाराज, महंत परमेश्वर दास, गोविंद गौतम, रवि शर्मा, रामानंद दास, गोपाल दास, मोहन दास, दीनबंधु दास, राधा चरण दास उपस्थित थे।