कोसीकलां (मथुरा)। कांशीराम आवास के समीप बिजली के तार से निकली चिंगारी से छह झोंपड़ी जलकर राख हो गईं। फायरब्रिगेड ने राहगीरों की मदद से आग पर काबू पाया। आग से लाखों रुपये की क्षति का अनुमान है।
रत्नागर सरोवर के किनारे स्थित कांशीराम आवास के समीप नट जाति के करीब 6-7 परिवार झोंपड़ियों में रहकर मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। रविवार की सुबह रिहायशी झोंपड़ियों के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन से चिंगारी निकलने अचानक आग लग गई। आग ने बिजेंद्र, बबलू, हेमंत, शेर सिंह, कुंदन, रोहताश की झोंपड़ियों को अपने आगोश में ले लिया।
आग लगते ही ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। फायरबिग्रेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। तब तक झोंपड़ियों में रखा कपड़ा, जेवर, अनाज, बिस्तर, बर्तन जल गया। एक बकरी का बच्चा, एक पड्डा आग के आगोश में समा गया, वही दो भैंस एवं बकरी झुलस गईं। पीड़ितों ने बताया कि उस वक्त किसी भी घर में खाना नहीं पकाया जा रहा था।
फायर अधिकारी जसराम तोमर ने बताया कि झोंपड़ियों में आग से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। चेयरमैन नरेंद्र गुर्जर, भाजपा नेता तरुण सेठ, कन्हैयालाल गोयल, मोरमुकुट शास्त्री ने मौके पर पहुंचकर सभी को आर्थिक मदद के साथ गृहस्थी का सामान दिया। चेयरमैन ने जल्द ही पाइप लाइन बिछवाने का भरोसा दिया।