अब गुजरात, राजस्थान, एनसीआर और पश्चिम बंगाल में ठाकुरजी का भोग मथुरा में बने चांदी के बर्तनों में सजेगा। इन प्रदेशों से चांदी के बर्तनों की विशेष डिमांड मथुरा को मिल रही है। इसे देखते हुए दिवाली से पहले ही यहां के व्यापारियों ने इसकी तैयारी कर ली।
एक जमाने में मथुरा धार्मिक क्षेत्र के साथ देश की बड़ी चांदी की मंडी में गिना जाता था, लेकिन चांदी का कारोबार अब मथुरा के अलावा भी कई शहरों में प्रगति कर गया है। यहां बन रहे चांदी के बर्तन ठाकुर जी का भोग लगाने के लिए उनके अनुयायियों की पहली पसंद बने हुए हैं।
कान्हा की नगरी में बनने वाले चांदी के बर्तनों की डिमांड विभिन्न राज्यों से मथुरा आ रही है। इसमें नाथद्वारा, जयपुर, सूरत, कोलकता, अजमेर सहित एनसीआर शामिल है। इन दिनों दिवाली पर बिक्री को देखते हुए चांदी के बर्तन तैयार किए जा रहे हैं।
धनतेरस पर बंपर बिक्री का संभावना
कारीगर चांदी के थाल, कटोरी, ग्लास, चम्मच के साथ चांदी की आरती भी तैयार कर रहे हैं। धनतेरस पर खरीद में यह बर्तन लोगों की पसंद बन चुके हैं। सराफा कारोबारी राजकुमार चर्चित गोयल ने बताया कि इन दिनों चांदी के थाल, कटोरा, लोटा, दानपात्र और आरती का निर्माण किया जा रहा है। करीब 70 से अधिक कारखाने यहां चल रहे हैं।
इन बर्तनों की डिमांड सूरत, अहमदाबाद, नाथद्वारा, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, उज्जैन, भरतपुर, आगरा, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता आदि शहरों में अधिक है। 500 से लेकर 50 हजार रुपये तक के बर्तन बाजार में मौजूद हैं। अधिकतर लोग 10 हजार रुपये तक के बर्तनों की खरीद करते हैं।