वृंदावन (मथुरा)। दक्षिणात्य शैली के प्रसिद्ध श्री रंगजी मंदिर में पांच दिवसीय बसंतोत्सव मनाया जा रहा है। इसमें ठाकुरजी को गर्मी से बचाने के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं, जिसमें ठाकुरजी के श्री विग्रह को शीतल जल से तिरुमंजन कर केसर, कपूर मिश्रित चंदन का लेपन किया गया। पीत सूती वस्त्र धारण कराते हुए सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित की। इसके साथ ही शीतलपेय पदार्थ निवेदित किए हैं।
बीते दिवस शुक्रवार से श्री रंगजी मंदिर में पांच दिवसीय बसंतोत्सव की शुरूआत हो गई है। इस उत्सव में ठाकुरजी को बसंतोत्सव के माध्यम से शीतलता प्रदान की जा रही है। विशालतम रंगजी मंदिर में पांच दिवसीय बसंतोत्सव के भव्य विविध धार्मिक व सांस्कृतिक अनुष्ठान हो रहे हैं।
मान्यता है कि इन दिनों ग्रीष्मकाल में ठाकुर श्री रंगमन्नार भगवान को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से बसंतोत्सव का भव्य आयोजन किया जाता है। इसके अंतर्गत ठाकुरजी के चल श्री विग्रह हरितिमा युक्त वातावरण से आच्छादित बगीची में विराजित किए गए। शनिवार को परिसर के चारों तरफ खस की टटिया से घिरे परिसर में विराजित ठाकुरजी के श्री विग्रह का शीतल जल से तिरुमंजन कर केसर, कपूर मिश्रित चंदन का लेपन किया गया। ठाकुरजी को पीत सूती वस्त्र धारण कराकर सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित की। इसके साथ ही शीतलपेय पदार्थ निवेदित किए। सेवायत रघुनाथ स्वामी ने बताया कि पांचदिवसीय बसंतोत्सव का समापन मंगलवार को होगा। इसमें प्रतिदिन ठाकुरजी के समक्ष बसंत राग का गायन भी हो रहा है।