समाज को दरकिनार कर मां ने बेटी का हौसला बढ़ाया तो बेटी ने भी आसमान छूकर दिखा दिया। मथुरा की प्रेरणा शर्मा ने अपनी मैमोरी पावर का प्रदर्शन कर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। सरकार ने भी इस होनहार बिटिया को रानी लक्ष्मीबाई जैसे अवार्ड से नवाजा है।
मथुरा में पदमपुरी निवासी ऊषा शर्मा अपने पति से अलग रहती हैं। कुदरत ने बेटा और बेटी दोनों दिए लेकिन उनके हिस्से में बेटी प्रेरणा आई। आर्थिक परेशानी, समाज की दुश्वारियों को झेलते हुए बेटी प्रेरणा को खूब पढ़ाया। इस बीच प्रेरणा की शिक्षा में जीएलए विश्वविद्यालय सहायता की।
मां के आंचल की छांव में प्रेरणा की मैमोरी पावर की प्रतिभा निखरने लगी। बिटिया ने प्रतिभा के पंख फैलाए तो आसमान छोटा पड़ने लगा। मां ऊषा शर्मा ने बताया एक बार इवेंट में जाने के लिए घर में रुपये नहीं थे ऐसे में उन्होंने अपने गहने बेचकर बिटिया को कोलकाता भेजा।
बेटी ने भी अपने हुनर के दम पर इंडिया बुक रिकॉर्ड, लिम्का बुक रिकॉर्ड, एशिया बुक रिकार्ड, 2017 में यूएसए का रिकार्ड तोड़कर धमाल मचा दिया। सरकार ने बिटिया के हुनर को देखा तो उसे रानी लक्ष्मी बाई अवार्ड से नवाजा।