भगवान जगन्नाथ मंदिर में ठाकुरजी
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मथुरा के वृंदावन में भीषण गर्मी के दौरान अचानक लू की चपेट में आए भगवान जगन्नाथ का देशी उपचार शुरू हो गया है। वर्तमान स्थिति के चलते अब एक पखवाड़े तक ठाकुरजी दर्शन नहीं देंगे। अब आषाढ़ शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि 12 जुलाई को ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन हो सकेंगे। इस दिन बड़े भ्राता बलराम व बहन सुभद्रा के साथ भगवान जगन्नाथ रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
पौराणिक मान्यता के अनुसार तेज गर्मी के प्रभाव के चलते भगवान जगन्नाथ अचानक अस्वस्थ हो जाते हैं। इसके कारण भगवान जगन्नाथ अपने अग्रज बलराम व बहन सुभद्रा के साथ स्वास्थ्य लाभ के लिए एकांतवास में चले जाते हैं। इसके बाद ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा से आषाढ़ शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि तक भगवान की सेवा निजी सेवक ही करते हैं।
इस दौरान मंदिर में न आरती हुई न घंटे घड़ियाल बजे। भगवान को लौंग, इलायची, काली मिर्च, तुलसीदल आदि जड़ी बूटियों से निर्मित काढ़े के साथ दलिया, खिचड़ी, मूंग की दाल व मौसमी फलों का ही भोग निवेदित किया जा रहा है।
वृंदावन में यमुना किनारे भगवान जगन्नाथ जी का मंदिर है। मंदिर के महंत ज्ञानप्रकाश ने बताया कि परंपरा करीब 550 वर्ष पुरानी है। अब आषाढ़ शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को ही भगवान जगन्नाथ बड़े भ्राता बलराम व बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे।