फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोपी के गाल गुलाबिन पै मल लाल गुलाल लगातो लाला

Tue, 27 Feb 2018 09:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला वृंदावन (मथुरा)
विज्ञापन
बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हर तरफ उड़ रहा था गुलाल। बांकेबिहारी के भक्तों ने कभी फूल बरसाए तो कभी रंग। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में तो रंगीले बादल छा गए थे। होली पर जनजन के आराध्य ने जब भक्तों संग होली खेली तो लगा कि संपूर्ण ब्रह्मांड इस दिव्य दर्शन के लिए मानो ठहर गया। बांकेबिहारी महाराज के गगन भेदी जयकारे लोगों की अटूट श्रद्धा को बयां कर रहे थे। 
विज्ञापन


रंगभरनी एकादशी पर सोमवार शाम की बेला में जनजन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज ने भक्तों संग होली खेली। 4:30 बजे मंदिर के पट खुलते ही जन समुदाय मंदिर प्रांगण में जयकारे लगाते हुए प्रवेश कर गया। 

सेवायतों ने सर्वप्रथम रजत सिंहासन पर स्वेत पोशाक धारण कर विराजमान ठाकुरजी पर स्वर्ण पिचकारी से केसर निर्मित रंग को डालकर वृंदावन में परंपरागत होली का शुभारंभ किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद मंदिर प्रांगण में अबीर गुलाल और फूलो की होली का श्रद्धालुओं ने आनंद लिया। टेसू के फूलों और केसर के रंगों से निर्मित प्राकृतिक रंगों को पिचकारियों में भरकर श्रद्धालुओं पर वर्षा हुई। रंग और गुलाल में सराबोर हो अपने को भक्त अपने को धन्य मान रहे थे।  
 
रंगभरनी एकादशी पर जनजन के आराध्य ठाकुर श्री बांकेबिहारी महाराज अपने रजत सिंहासन पर आरुढ़ होकर स्वेत पोशाक धारण कर होली खेलने जगमोहन में विराजे। मंदिर में होली खेलने के लिए ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में टेसू के विभिन्न प्रकार के रंग चंदन के अलावा अबीर और गुलाल का प्रयोग किया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें