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मेरी पहचान मेरी लाडलीः पावनी के पावन कार्यों पर पापा को है गर्व

Mon, 22 Jan 2018 06:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
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पावनी - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में पुरानी सतघड़ा गली निवासी पावनी खंडेलवाल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम पर निकल पड़ी हैं। वह महिलाओं को निशुल्क दोपहिया वाहन चलाना सिखाती हैं ताकि वह अपने कार्यों के लिए किसी पर निर्भर न रहें। 
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पुणे में पढ़ाई के दौरान पावनी ने देखा कि महिलाएं अपने छोटे-बड़े कामों के लिए दूसरे पर निर्भर हैं। इस पर उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया। गैर सरकारी संस्था ‘आत्मनिर्भर’ बनाई और महिलाओं को स्कूटी, बाइक चलाने का प्रशिक्षण देने की शुरुआत की। 

पुणे की 156 महिलाओं को स्कूटी-बाइक चलाना सिखाया। यहीं पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक नई स्टार्टअप कंपनी शुरू कर देश की सारी जिमों को इससे जोड़ा। इसके जरिए आप किसी एक जिम के सदस्य होते हुए भी देश की किसी भी जिम में व्यायाम करने जा सकते हैं। 
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पावनी ने अपनी मां रेखा खंडेलवाल को भी स्कूटी चलाना सिखा दिया। मथुरा में आत्मनिर्भर संस्था के अंतर्गत रिकार्ड 200 महिलाओं को स्कूटी बाइक चलाना सिखाया। अब ये महिलाएं अन्य महिलाओं छात्राओं को स्कूटी बाइक चलाना सिखाकर रुपया कमा रही हैं। भरतपुर, जयपुर में भी आत्मनिर्भर संस्था कार्य कर रही हैं। 

दिसंबर में महिला सशक्तिकरण को दर्शाने के लिए घोर सर्दियों में बुलेट मोटरसाइकिल से जयपुर से लेह लद्दाख तक का सफर कर सबको चौंकाने वाली पावनी वाहनों की खराबी सही करने से लेकर पंचर तक जोड़ने में माहिर है। पिता प्रदीप खंडेलवाल को अपनी बेटी पर नाज है।
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