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मेरी पहचान मेरी लाडलीः मां के संबल से बेटी ने पूरा किया क्रिकेटर बनने का सपना

Thu, 25 Jan 2018 05:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला वृंदावन (मथुरा)
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मां के साथ दीक्षा - फोटो : अमर उजाला
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एक बेटी ने बचपन में पुरुष प्रधान समझे जाने वाले खेल में कुछ कर दिखाने की ठानी। घर में पिता एवं भाई का उस खेल के प्रति रुझान भी बेटी को इस खेल में आगे नही बढ़ने दे रहा था, लेकिन बेटी मां से मिले समर्थन पर आज उस खेल में सफलता हासिल कर ही है। 
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वृंदावन छटीकरा मार्ग निवासी मोहनलाल गौतम की बेटी दीक्षा गौतम में बचपन से ही क्रिकेट के प्रति दिवानगी दिखती थी। घर में पिता को टीवी पर क्रिकेट देखते और भाई को क्रिकेट खेलते देखते दीक्षा का लगाव भी क्रिकेट खेल से हो गया। 

ऐसे में दीक्षा ने क्रिकेट में कुछ कर दिखाने की ठानी लेकिन रूढ़िवादी परंपराओं एवं क्रिकेट में महिलाओं की कम भागीदारी दीक्षा को आगे नहीं बढ़ने दे रही थी। 
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ऐसे में मां सुनीता गौतम से मिले समर्थन के बाद दीक्षा ने क्रिकेट सीखने का मन बनाया। फिर क्या था हाथ में बैट लेकर दीक्षा उतर पड़ी क्रिकेट के मैदान में और दिखाने लगी अपनी प्रतिभा।
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दीक्षा ने स्थानीय स्कूल स्तर पर आयोजित कई महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में ऑलरांडर की भूमिका निभाई। पिछले दिनों जयपुर के वेंदाता स्कूल ग्राउंड पर मिनिस्ट्री ऑफ यूथ एंड स्पोर्ट्स केंद्र सरकार आयोजित आल इंडिया वूमेन टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में दीक्षा ने वेस्टर्न यूपी महिला क्रिकेट टीम की ओर से खेलते हुए बेहतर प्रदर्शन किया। 

दीक्षा ने पूरे टूर्नामेंट में 245 रन बनाने के साथ आठ विकेट हासिल किए। एक मैच में दीक्षा को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला। आज दीक्षा को क्षेत्रवासी स्पोर्ट्स गर्ल के नाम से पुकारने लगे हैं। 
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