मथुरा के डीएम आफिस में सोमवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब फरियाद सुनाते वक्त चौमुहां ब्लॉक की एक शिक्षिका बेहोश हो गई। तत्काल ही सीएमओ को सूचना दी गई।
डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने अधिकारियों को तलब किया। आनन-फानन में शिक्षिका की शिकायत का निस्तारण कराते हुए सरकारी गाड़ी से घर भेजा गया। डीएम ने शिक्षाधिकारियों की क्लास लगाते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
छाता तहसील के ब्लॉक चौमुहां अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नहर में कार्यरत शिक्षिकाएं आशा कुमारी और सरोज यादव सोमवार को अपनी फरियाद लेकर डीएम आफिस पहुंची।
उन्होंने बताया कि स्थानांतरण होने के बाद भी उन्हें कार्य मुक्त नहीं किया जा रहा है। छह माह से वेतन न मिलने से परिवारीजन परेशान हैं। बीएसए और एबीएसए उनकी सुनने को तैयार नहीं हैं, कार्यवाही की धमकी दी जा रही है।
फरियाद सुनाते वक्त आशा कुमारी बेहोश हो गईं। शिक्षिका के जमीन पर गिरते ही अफरातफरी मच गई। मौजूद कर्मचारियों ने शिक्षिका को कुर्सी पर बिठाया गया।
डीएम ने तत्काल ही बीएसए और एबीएसए को तलब करते हुए जमकर क्लास लगाई। मामले के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। गौरतलब रहे कि पिछले कई माह से इन शिक्षिकाओं का विवाद है।
बीएसए ने कहा गया
विद्यालय की शिक्षिकाएं गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर आरोप लगाते हुए असुरक्षा दर्शाकर विद्यालय नहीं जा रही हैं। इस पर बीएसए ने वेतन रोक दिया है। 15 दिन पहले ही डीएम ने इन्हें दूसरे विद्यालयों में स्थानांतरित कराया है।
बीएसए संजीव कुमार सिंह का कहना है कि बेहोशी होने जैसी कोई बात नहीं है। कार्यमुक्त करने का दायित्व प्रधान अध्यापक और एबीएसए का है। सोमवार को शिक्षिकाओं को कार्यमुक्त करा दिया गया है।