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श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह विवाद: अदालत में नहीं हाजिर हुए विपक्षी, पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई टली

Tue, 13 Sep 2022 02:37 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने शाही ईदगाह मस्जिद का सर्वे कोर्ट कमिश्नर से कराने की मांग को लेकर पुनरीक्षण याचिका दायर की है। उस पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन सुन्नी बोर्ड व अन्य वादी पक्ष हाजिर नहीं हुए।
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जिला एवं सत्र न्यायालय मथुरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ठाकुर केशवदेव के केस में जिला जज राजीव भारती की अदालत में रिवीजन पर सुनवाई नहीं हो सकी। कारण केस के प्रतिवादीगणों में से एक सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को केस के नोटिस का न मिलना रहा। इसके चलते अदालत ने न केवल केस में 3 अक्टूबर की तारीख लगा दी बल्कि पक्षकार को इस दौरान सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को सूचित करने के लिए भी कहा है। उधर, पक्षकार ने ज्ञानवापी शृंगार गौरी के केस के निर्णय की प्रति जिला जज की अदालत को सौंपी।

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श्री कृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण में मंगलवार को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड अदालत में हाजिर नहीं हो सका। पक्षकार अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह व अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि वह तीन अक्टूबर तक सुन्नी सेंटल वक्फ बोर्ड को नोटिस उपलब्ध करा देंगे। शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि पक्षकार केवल अदालत का समय नष्ट कर रहे हैं। पहले उनके द्वारा हर दिन सुनवाई की मांग की गई। जब सिविल जज ने हर दिन सुनवाई का आदेश किया तब पक्षकार ने बहस नहीं की और अब वह जिला जज की अदालत में सभी प्रतिवादियों को नोटिस तक नहीं दे रहे हैं।

ज्ञानवापी शृंगार गौरी के निर्णय की प्रति सौंपी

ज्ञानवापी शृंगार गौरी के मामले में बनारस कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय की प्रति एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने जिला जज की अदालत को सौंपी है। उन्होंने बताया कि इस निर्णय से मथुरा में भी दिए जाने वाले निर्णय को देने में मदद मिलेगी।

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अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह पर फिर लगा जुर्माना

वहीं एडीजे सप्तम संजय चौधरी की अदालत ने सोमवार को पक्षकार अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह पर हाजिर न होने पर एक बार फिर से जुर्माना लगाया। इस दफा अदालत ने 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है। सात सितंबर को अदालत द्वारा 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उधर, अदालत में मौजूद विपक्षीगण ने केस को खत्म करने की मांग की। 
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