एससी-एसटी कानून में हुए संशोधन के बाद से दलित संगठनों के निशाने पर आई भाजपा ने 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती हर बूथ पर मनाने का फैसला किया है।
प्रदेश में डेढ़ लाख बूथों पर आयोजन होंगे। जबकि ब्रज के सभी 24000 बूथों पर कार्यक्रम तय कर लिए गए हैं। इन कार्यक्रमों में मंत्री, सांसद, विधायक से लेकर पार्टी के नेता तक हिस्सा लेंगे।
भाजपा 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती बूथ स्तर पर मनाने जा रही है। यह पहली दफा है जब इतना बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है।
खास बात यह है कि इस बार यह कार्यक्रम तब होने जा रहे हैं जब भाजपा दलित संगठनों के निशाने पर है। एससी-एसटी एक्ट में हुए संशोधन के खफा लोगों ने भारत बंद का ऐलान किया था। उत्तरप्रदेश में कई जनपदों में बवाल हुआ।
प्रतीकात्मक तस्वीर
जगह-जगह ट्रेनों को रोका गया था। भाजपा के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया गया था। भाजपा इसके लिए विरोधी पार्टियों को जिम्मेदार ठहराकर दलितों के बीच अपनी जगह बनाने में जुट गई है। 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती मनाई जा रही है।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री और ब्रज क्षेत्र के प्रभारी अशोक कटारिया ने बताया कि ब्रज क्षेत्र में ही 24000 बूथों पर आयोजन होगा। सभी को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
सामाजिक समरसता के रूप में जयंती को मनाया जा रहा है। हर बूथ पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा रखकर कार्यक्रम होंगे। जनता के बीच उनके विचारों को रखा जाएगा। किस तरह से आंबेडकर ने समाज को एक नई दिशा दी थी।
बड़ी दलित बस्तियों में भी होंगे आयोजन
एससी-एसटी एक्ट में हुए संशोधन के बाद से आंदोलित दलित समाज के लोगों को मनाने के लिए भी भाजपा उनकी बस्तियों में जाएगी। आंबेडकर जयंती के बहाने उन्हें मनाया जाएगा।
समझाया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो संशोधन किया है उसके लिए केंद्र ने पुनर्विचार याचिका कोर्ट में दाखिल कर दी है। उस पर विचार किया जाएगा। जल्द ही कोई रास्ता निकल आएगा।
भाजपा ने इस कार्यक्रम के लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। मीडिया प्रभारी प्रदीप गोस्वामी ने बताया कि बड़े स्तर पर कार्यक्रम कराया जा रहा है। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।