आगरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक मकान पर छह बार 2.50-2.50 लाख रुपये का अनुदान लेने का फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिससे करीब 15 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। नगर निगम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी लाभार्थियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
आगरा में प्रधानमंत्री आवास योजना में 2.50 लाख रुपये का अनुदान पाने के लिए धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का हैरतअंगेज मामला सामने आया है। ईदगाह में एक मकान पर किराएदारों ने 6 बार 2.50-2.50 लाख रुपये का अनुदान ले लिया। यह सभी किराएदार एक ही परिवार के हैं।
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मकान मालिक ने इस मामले में नगर आयुक्त से शिकायत की है, जिस पर अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को जांच सौंपी गई है। अपर नगर आयुक्त ने अनुदान पाने वालों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है और जांच शुरू कर दी है। बेलनगंज निवासी पदमचंद ने बताया कि उनका धनीराम की बगीची में एक मकान है। इसमें किराएदार रह रहे हैं। इनमें से छह किराएदारों ने डूडा अधिकारियों से मिलीभगत कर उनके मकान पर प्रधानमंत्री आवास योजना का अनुदान हासिल कर लिया। ऐसा एक बार नहीं बल्कि छह बार किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना में 2.50 लाख रुपये का अनुदान मिलता है। इस तरह 15 लाख रुपये का अनुदान मकान मालिक के भवन पर प्राप्त किया गया, जबकि यह मकान निर्माण के लिए मिलता है। इसमें जमीन के दस्तावेज और चरणबद्ध तरीके से निर्माण पर ही तीन किस्तों में अनुदान देने का प्रावधान है लेकिन गलत तथ्यों और मिलीभगत से अनुदान ले लिया गया।
अपर नगर आयुक्त को सौंपी जांच
पीड़ित मकान मालिक पदमचंद ने लोहामंडी के पार्षद विक्रांत सिंह के साथ नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य से मुलाकात की और उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवती पत्नी राजकुमार को अनुदान मिला है, उसका डीपीआर नंबर 4693 है। संजना देवी पत्नी आजाद कुमार का डीपीआर नंबर 4693 और पूरन देवी पत्नी बहादुर सिंह का डीपीआर नंबर 4693, गुड्डी देवी पत्नी बच्चू सिंह और उनकी दोनों बहुओं के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना का अनुदान प्राप्त किया गया है। नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को जांच सौंपी है। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि वह जांच कर रहे हैं। सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। फर्जीवाड़ा होने पर सभी से आरसी जारी कर रिकवरी कराई जाएगी।