होली से पहले खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दूध, घी, पनीर, तेल और मसालों के बड़ी संख्या में नमूने फेल मिले हैं, जिससे बाजार में मिलावटखोरी का जाल उजागर हुआ है।
होली के त्योहार पर खाद्य पदार्थों में मिलावट का काला साया मंडरा रहा है। मिलावटखोर जहर परोस रहे हैं। यह खुलासा खाद्य सुरक्षा प्रशासन की सैंपलिंग रिपोर्ट से हुआ है। बाजार में बिक रहे खुले दूध से लेकर मसाले तक स्वास्थ्य के लिए घातक हैं। पनीर और घी के सबसे ज्यादा नमूने फेल हुए हैं।
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शासन के निर्देश पर सोमवार को पांच तेल कंपनियों पर छापेमारी में मिलावट की आशंका पर 62 हजार लीटर सरसों का तेल और रिफाइंड जब्त किया गया। यह पिछले पांच साल में सबसे बड़ी कार्रवाई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्य प्रणाली पर भी इससे सवाल उठे हैं। आगरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय का कहना है कि 70 प्रतिशत व्यापारी खाद्य पदार्थों के कारोबार से जुड़ा है। खाद्य सुरक्षा के स्पष्ट मानक नहीं हैं, जिसका फायदा उठाकर खाद्य अधिकारी अवैध वसूली करते हैं। सिर्फ त्योहार पर कार्रवाई की याद आती है। पूरे साल विभाग आंखें बंद रखता है।
ऐसे हो रही मिलावट -
- दूध में फैट की कमी और सिंथेटिक डिटर्जेंट/यूरिया की मिलावट।
- देसी घी में वनस्पति तेल और अन्य पदार्थों का मिश्रण।
- पनीर में मिल्क पाउडर और रिफाइंड ऑयल से नकली पनीर।
- सरसों तेल और रिफाइंड में अन्य तेल और कृत्रिम रंगों का प्रयोग।
- मसालों में लकड़ी का बुरादा, सिंथेटिक रंग, लेड क्रोमेट की मौजूदगी।
नमूनों का रिपोर्ट कार्ड
- खाद्य पदार्थ: कुल नमूने: फेल : स्थिति
- दूध: 206: 141: चिंताजनक
- घी: 20: 09: बेहद खराब
- पनीर: 63: 49: सेहत से खिलवाड़
- खाद्य तेल: 44: 13: खराब
- मसाले: 27: 20: चिंताजनक
(नोट: सभी आंकड़े वर्ष 2024-25 की जांच रिपोर्ट के अनुसार )
ऐसे परखें शुद्धता
- दूध को हथेली पर रगड़ने पर साबुन जैसा झाग निकले, तो वह सिंथेटिक है।
- एक चम्मच घी में आयोडीन की दो बूंदें डालें, रंग नीला हो तो उबले आलू की मिलावट है।
- मसाले जांचने के लिए पानी के गिलास में डालें, रंग तुरंत घुलने लगे तो वह कृत्रिम है।
लगाएंगे भारी जुर्माना
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की नियमित समीक्षा होगी और मिलावटखोरी के विरुद्ध अभियान चलेगा। अधिकारियों की संलिप्तता पर सख्त कार्रवाई होगी। जिन व्यापारियों के नमूने फेल हुए हैं। उन पर भारी जुर्माना लगाने के साथ गंभीर मामलों में विधिक कार्रवाई की जाएगी।