फिरोजाबाद में रामलीला के काठ बाजार में पांच घंटे तक आग धधकती रही। दमकल की 13 गाड़ियां आग बुझाने में मशक्कत करती रहीं। नगर निगम के टैंकरों से पानी की आपूर्ति की गई करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आग में 18 दुकानें जल गईं। करीब पचास लाख रुपये का सामान जल जाने का अनुमान है जबकि विभाग ने प्रारंभिक छानबीन में करीब बीस लाख के नुकसान का आकलन किया है। सदर विधायक मनीष असीजा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी बृहस्पतिवार को देर रात तक मौके पर डटे रहे।
थाना उत्तर क्षेत्र के रामलीला प्रांगण स्थित काठ बाजार में गुरुवार रात करीब दस बजे आंधी एवं बारिश के बाद बिजली की शार्ट सर्किट से आग लग गई। अग्निशमनकर्मी लाखन सिंह दमकल की दो गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे थे लेकिन आग का विकराल रूप देख कर वह भी हैरान रह गए।
उन्होंने जानकारी अग्निशमन अधिकारी जशवीर सिंह को दी। सीएफओ ने जिले की सभी दमकलों को मौके पर बुलाया। हजरतपुर फैक्ट्री के साथ आगरा एवं मैनपुरी जिले से गाड़ियों को बुलाने के लिए मैसेज कर दिया। फायर ब्रिगेड की 13 दमकल आग बुझाने के लिए जुटीं।
करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। नगर विधायक मनीष असीजा के साथ एसएसपी सचिंद्र पटेल, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, एसपी देहात राजेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह, सीओ सिटी डा. अरुण कुमार सिंह व सीओ सदर हीरालाल कनौजिया सहित कई थानों का फोर्स पहुंच गया। उन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का आग बुझाने में कोई दिक्कत नहीं हो इसकी व्यवस्था करते दिखाई दिए।
13 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी
आग बुझाने के लिए जिले की आठ गाड़ियों के साथ ही आगरा एवं मैनपुरी जिले की दो-दो गाड़ियां तथा एक गाड़ी हजरतपुर की शामिल थी। सीएफओ जशवीर सिंह ने कहा कि आग लगने की सूचना करीब दस बजे मिली थी। तीन बजे करीब आग को काबू में कर लिया था। हालांकि आग पर पानी डालने का क्रम सुबह तक चलता रहा।
बाल-बाल बचा आगरा का फायरकर्मी
आगरा से फायरब्रिगेड की गाड़ी लेकर चंद्रशेखर नामक चालक लेकर आया था। आग बुझाने के लिए टीम लगी थी वह पास खड़े थे। इसी दौरान एक रेडीमेट की दुकान में आग लग गई।
फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी (मिस्ट) के चालक ने इतनी तेजी से गाड़ी को पीछा किया कि चंद्रशेखर उक्त गाड़ी मिस्ट के टायर के नीचे आने से बच गए। पीछे टक्कर लगने से गिरने के बाद वह फुर्ती से पलटी मार गए। उनके हाथ में खून बहने लगा था।