टोरेंट ने नहीं की बिजली बंद, हुए धमाके
एफएसओ संजय प्लेस सोमदत्त सोनकर ने बताया कि घटना के बाद जब दमकलकर्मी पहुंचे तो देखा कि बिजली की लाइन चालू है। ऐसे में पानी डालने पर करंट फैलने की आशंका थी। इसको देखते हुए टोरेंट को संदेश भेजा गया कि बिजली काट दी जाए। क्योंकि फैक्टरी के पास ही उसका जंक्शन बाक्स भी लगा हुआ था। मैसेज करने के बावजूद लाइन बंद नहीं की गई। इस वजह से दो धमाके भी हुए। कोई रेस्पांस न आने पर टीम आग बुझाने में जुट गई। आधा घंटे बाद बिजली को बंद किया गया।
फिर से उठ गईं लपटें
दमकल कर्मियों ने रात तकरीबन 12 बजे आग पर काबू कर लिया था। मगर जब वो फर्श पर पड़े जलते हुए मलबे पर पानी डाल रहे थे तो फिर से लपटें निकलने में लग रही थीं। इस कारण देर रात तक दमकल कर्मी आग बुझाने के प्रयास में लगे हुए थे।
फैक्टरी के पीछे रेलवे स्टेशन
फैक्टरी के पीछे ही बिल्लोचपुरा स्टेशन है। प्लेटफार्म के साथ ही बिजली की लाइन भी जा रही है। इस कारण दमकलकर्मियों को डर था कि लाइन की तरफ पानी की बाैछार न चली जाएं। वहीं धुएं से आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इस कारण वो घटनास्थल से दूर चले गए। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि फैक्टरी से धमाकों की आवाज भी आ रही थी। यह किसमें हुए पता नहीं चल सका।
">http://