आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विषम सेमेस्टर परीक्षाओं में सामने आए नकल प्रकरणों पर कार्रवाई ठप पड़ी है। पिछले 10 दिनों में मैनपुरी और मथुरा के दो कॉलेजों में सामूहिक नकल पकड़ी गई लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं हुई। दोनों मामलों में गठित जांच समितियों की रिपोर्ट अब तक विश्वविद्यालय को नहीं मिली है।
इससे परीक्षा की शुचिता पर सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों को 24 नवंबर तक सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से कंट्रोल रूम से जोड़ने के निर्देश दिए थे। इसकी रिपोर्ट भी अब तक पेश नहीं की गई है।
पहला मामला 22 नवंबर को सामने आया था, जब मैनपुरी के शांति देवी महाविद्यालय में सामूहिक नकल पकड़ी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी थी। तमाम निर्देशों के बावजूद समिति ने अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी, न ही किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई। हालांकि, परीक्षा नियंत्रक ने पर्यवेक्षक तैनात कर दिए थे और उन्हीं की निगरानी में पेपर कराए जा रहे हैं।
इसके तीन दिन बाद नकल का एक और मामला 26 नवंबर को मथुरा के वुडरॉक कॉलेज, कोतवान में सामने आया। तीसरी पाली की परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने सामूहिक नकल की आशंका जताई। इस मामले में भी तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी, लेकिन यहां भी स्थिति जस की तस है। न रिपोर्ट और न ही कार्रवाई। यहां भी पर्यवेक्षक नियुक्त हैं।
बीते दिन फतेहपुर सीकरी स्थित एक महाविद्यालय में सचल दल ने नकल पकड़ी। हालांकि विश्वविद्यालय ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि इस मामले की जांच कर पर्यवेक्षक नियुक्त करेंगे।
जांच कर करेंगे कार्रवाई
जिन केंद्रों पर कैमरे कंट्रोल रूम से नहीं जोड़े गए हैं, उनकी जांच करवाई जा रही है। आदेशों को न मानने वाले कॉलेजों पर जुर्माना लगाया जाएगा। अनियमितता मिलने पर डिबार कर दिया जाएगा। साथ ही दोनों कॉलेजों में नकल के बारे में समिति से रिपोर्ट मांगी गई है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. ओमप्रकाश, परीक्षा नियंत्रक