राज्य कर विभाग ने चेकिंग के दौरान संगठित रूप से मार्बल की खरीद-फरोख्त कर टैक्स चोरी का मामला पकड़ा है। सहायक आयुक्त ने थाना लोहामंडी में प्राथमिकी दर्ज कराई है। फर्म पर 8.62 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया।
सहायक आयुक्त राज्य कर केदार नाथ ने तहरीर दी। उनके अनुसार 18 मार्च को सचल दल पंचम इकाई ने कोरई टोल प्लाजा के पास राजस्थान नंबर की लोडर को रोककर जांच की। वाहन चालक जफरुद्दीन अगावान ने बताया कि वह किशनगढ़ (राजस्थान) से ग्रेनाइट-मार्बल स्लैब लेकर आगरा आ रहा है।
जांच के दौरान प्रस्तुत टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल में 8002 वर्गफीट माल दर्शाया गया, जबकि भौतिक सत्यापन में 11,244 वर्गफीट माल पाया गया। जांच में सामने आया कि विक्रेता फर्म एसआरके इंटरप्राइजेज (किशनगढ़) ने 23 फरवरी को जीएसटी पंजीकरण कराया लेकिन अब तक रिटर्न दाखिल नहीं किए। इसके बावजूद लगातार ई-वे बिल जारी कर व्यापार किया जा रहा था।
साथ ही एक ही पैन नंबर पर राजस्थान में आरके इंटरप्राइजेज और आगरा में एके इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म संचालित होना पाया गया। फर्म का संचालक लवकुश बताया गया है। इसी मोबाइल नंबर और ईमेल से एक तीसरी फर्म जेके इंटरप्राइजेज भी संचालित पाई गई। यह भी सामने आया कि यह वाहन पहले 8 मार्च को महाराष्ट्र में टैक्स चोरी में पकड़ा जा चुका है।
अधिकारियों के अनुसार यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के जरिए टैक्स चोरी का है। एसीपी लोहामंडी गौरव कुमार ने बताया कि शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।