कासगंज। मातृ वंदना याेजना का स्वास्थ्य विभाग से महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरण हो चुका है, लेकिन सात माह बाद भी आंगनबाड़ी केंद्रों की पोर्टल पर मैपिंग तक नहीं हो सकी है। इससे पहले से ही बंद पोर्टल के कारण महिलाएं करीब एक साल से अपने आवेदन के लिए परेशान हैं।शासन से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण देने के लिए वर्ष 2017-18 से स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंंदना योजना का संचालन शुरू किया गया। इस योजना के तहत पहले मात्र पहली संतान पर ही लाभ दिए जाने का प्रावधान था, लेकिन वर्ष 2023 में योजना में बदलाव करते हुए दूसरी संतान कन्या होने पर भी लाभ देने की व्यवस्था की गई। इस बदलाव के लिए मार्च 2023 में पोर्टल को बंद कर दिया गया। योजना में बदलाव के बाद पहली संतान पर दो किस्तों में पांच हजार रुपये तथा दूसरी संतान बालिका होने पर एक किस्त में छह हजार रुपये देने की व्यवस्था की गई है। इस योजना के पोर्टल को 2.0 नाम देकर 15 अक्टूबर 2023 को चालू किया गया । इसके बाद लांच किए गए नए पोर्टल में दिक्कत आने से आवेदन करने में भी बाधा आती रही। इससे वित्तीय वर्ष में 2919 ही आवेदन हो सके। इसके बाद पोर्टल फिर से बंद हो गया। 29 मार्च 2024 को इस योजना को महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया। हस्तांतरण के बाद विभाग को लोग इन आईडी मिल चुकी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण का कार्य भी पूरा हो गया, लेकिन पोर्टल पर जिले के आंगनबाड़ी केंद्र प्रदर्शित नहीं हो रहे। इससे आवेदन की प्रक्रिया शुरू नही हो सकी है।