मैनपुरी जिले में बिना मान्यता के संचालित 200 से अधिक स्कूलों एवं कॉलेजों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बिना मान्यता के संचालित स्कूलों की गोपनीय सूची तैयार कराई है।
इसमें 91 स्कूल बिना मान्यता के संचालित होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने 20 अगस्त तक इन्हें बंद कराने के निर्देश दिए हैं। शीघ्र ही इन स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में बड़े पैमाने पर बिना मान्यता के स्कूल तथा कॉलेज संचालित हो रहे हैं।
शासन ने बिना मान्यता के संचालित स्कूल तथा कॉलेज बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद बीएसए तथा डीआईओएस ने सक्रियता दिखाना शुरू कर दिया है। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने गोपनीय जांच कराकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्कूल संचालकों को चेतावनी
डीआईओएस ने भी बिना मान्यता के संचालित कॉलेजों के संचालकों को चेतावनी दी है कि वो कॉलेज बंद कर दें। शीघ्र ही छापामार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान यदि कोई कॉलेज बिना मान्यता के पाया गया तो दंडात्मक कार्रवाई कराई जाएगी।
फिलहाल शिक्षाधिकारियों ने जनपद में 200 स्कूल चिह्नित कर लिए हैं। जिन पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को इन स्कूलों की सूची भेजते हुए बंद कराने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि यदि 20 अगस्त तक ये स्कूल बंद नहीं हुए तो संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
जनपद में एक सैकड़ा से अधिक स्कूल तो ऐसे हैं, जिनके संचालकों ने कोचिंग सेंटर चलाने के लिए मान्यता ले रखी है और कॉलेज संचालित कर रहे हैं। डीआईओएस ने कोचिंग सेंटर के लिए मान्यता लेने वालों को भी चेतावनी दी है कि वे विद्यालय समय में कोचिंग सेंटर संचालित न करें।
इसलिए नहीं लेते हैं मान्यता
हकीकत यह है कि बिना मान्यता के संचालित स्कूलों तथा कॉलेजों के पास न तो भवन है और न ही फर्नीचर, टिनशेड और छप्पर में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। जो किसी भी समय हादसे को आमंत्रण दे रही हैं।
यही कारण है कि इन स्कूलों के संचालक मान्यता के लिए आवेदन नहीं करते हैं। बच्चों से फीस वसूल कर भवन का निर्माण करते हैं और बाद में उसी पैसे से भवन बनवाकर मान्यता ले लेते हैं।
रातों रात बंद हो गया स्कूल
करहल विकास खंड के गांव दोस्तपुर में 26 जुलाई को बिना मान्यता के संचालित एक स्कूल से लौटते समय तीन बच्चे मंदिर की दीवार ढहने से दब गए थे। मामले की जानकारी जब स्कूल संचालक को हुई तो 26 की रात में ही यह स्कूल गायब हो गया। स्कूल की जगह पर 27 जुलाई की सुबह मकान मिला। यहां से फर्नीचर आदि सारा सामान रातों रात गायब कर दिया गया।
कई स्टूडेंट्स नहीं दे पाए थे बोर्ड परीक्षाएं
शिक्षा सत्र 2016-17 में जनपद में बिना मान्यता से संचालित कुछ स्कूलों ने अपने यहां 10वीं व 12वीं के छात्रों को गुमराह कर उनका प्रवेश कर लिया। बोर्ड से उनका पंजीकरण नहीं करा पाए।
नतीजा यह हुआ कि 141 छात्र-छात्राओं की साल खराब हो गई वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। कई छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। तब तत्कालीन जिलाधिकारी ने ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
खंड शिक्षाधिकारियों को दिए निर्देश
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो संकुल प्रभारियों की मदद से अपने क्षेत्र के स्कूलों का चिह्नीकरण करें। बिना मान्यता के सभी स्कूल बंद कराएं। यदि कोई नहीं मानता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करें।
डीआईओएस सर्वेश कुमार ने कहा कि सभी कोचिंग सेंटर संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालय समय में कोचिंग न पढ़ाएं, बिना मान्यता के कोई स्कूल और कॉलेज न संचालित हो। शीघ्र निरीक्षण होगा, बिना मान्यता के कॉलेज संचालित मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।